Salient Points : BJP National President, Shri Amit Shah Pay Last Respect To HH Pramukh Swami Ji Maharaj in Sarangpur, Gujarat

Wednesday, 17 August 2016


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री अमित शाह ने आज गुजरात के सारंगपुर में श्री प्रमुख स्वामी जी महाराज के अंतिम दर्शन किये और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री अमित शाह ने आज, बुधवार को गुजरात के सारंगपुर में श्री प्रमुख स्वामी जी महाराज के अंतिम दर्शन किये और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि श्री प्रमुख स्वामी जी का देश और दुनिया के सामाजिक जीवन पर जो प्रभाव रहा, गुजरात में पले-बढ़े होने के कारण मैं उसका प्रत्यक्षदर्शी हूँ। उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामी जी ने कम बोलकर धर्म के सारे निहितार्थों को जीवन में उतारकर लोगों के सामने कर्म से ही संदेश देने का प्रयास किया। श्री शाह ने कहा कि पूज्य श्री स्वामी जी ने न केवल सैकड़ों मंदिर बनाए, न केवल गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड में उनका नाम दर्ज हुआ, बल्कि उन्होंने अपने संस्कार केन्द्रों के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों तक को जो धर्म का संस्कार देने का काम किया, इसके लिए वे सदैव देश और समाज के आदर्श बने रहेंगें। उन्होंने कहा कि श्री स्वामी जी के जाने से जो रिक्तता और अपूरणीय क्षति हुई है, उसकी पूर्ति होना असंभव है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि श्री प्रमुख स्वामी जी महाराज ने न केवल करोड़ों लोगों को व्यसनों से मुक्ति दिलाई, बच्चों को धर्म के मार्ग पर संस्कारित कर आगे बढाया बल्कि संत संस्था के प्रति लोगों में आस्था और श्रद्धा को भी स्थापित करने का काम किया, वे सदैव संत संस्था के उत्थान के लिए काम करते रहे। श्री शाह ने कहा कि श्री प्रमुख स्वामी जी का पूरा जीवन न केवल स्वामीनारायण सम्प्रदाय और वैष्णव सम्प्रदाय बल्कि पूरे सनातन धर्म के मतावलंबियों के लिए भी एक विशाल वटवृक्ष की तरह था, सभी ने उनके स्नेह भरे छाँव को प्राप्त किया।

श्री शाह ने कहा कि लोगों के जीवन में कई ऐसे क्षण आते हैं जब इंसान टूट जाता है, मेरे भी जीवन में ऐसे कई क्षण आये और जब भी मैं ऐसे संकटों से गुजरा तो सबसे पहला फोन पूज्य स्वामी जी का ही पाया। उन्होंने कहा कि स्वामी जी का एक-एक शब्द संकटों से लड़ने की ताकत देता था। उन्होंने कहा कि आज श्री प्रमुख स्वामी जी नहीं रहे, लेकिन उन्होंने जो संत संस्था बनाई, सैकड़ों संतों को संस्कारित करने का जो काम किया, मैं समझता हूँ कि यह संस्था सदियों तक सनातन धर्म का पथ-प्रदर्शक बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि श्री जी के चरणों में प्रमुख स्वामी जी की दिव्य आत्मा को स्थान मिले और प्रभु उनकी आत्मा को चिर और शाश्वत शांति प्रदान करे।

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