Press Release on Cabinet decision of setting up a Commission to examine the Sub-Categorization within OBCs

Wednesday, 23 August 2017


मोदी सरकार द्वारा क्रीमी लेयर की सीमा 6 लाख से 8 लाख किये जाने और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उप-वर्गीकरण के मुद्दे की जांच के लिए संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत एक आयोग की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी देने पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री अमित शाह द्वारा जारी प्रेस वक्तव्य


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने कहा - क्रीमी लेयर की सीमा 6 लाख से 8 लाख कर मोदी सरकार ने पिछड़े वर्गों के आरक्षण और अन्य योजनाओं से मिलने वाले लाभों को न्यायसंगत करने की दिशा में की एक सार्थक पहल उपवर्गों के प्रावधान से पिछड़ी जातियों के अन्दर अत्यधिक पिछड़ी जातियों को मिलेगा आरक्षण व अन्य योजनाओं में प्राथमिकता

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने पिछड़े वर्गों को मिलने वाले आरक्षण और अन्य योजनाओं के लाभों के दायरे का विस्तार कर इसे और अधिक न्यायसंगत करने के नरेन्द्र मोदी सरकार का स्वागत किया है |

श्री शाह ने कहा कि इस प्रस्तावित प्रावधान में पिछड़े वर्गों में क्रीमी लेयर की सीमा 6 लाख रुपये की वार्षिक आय से बढ़ा कर 8 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे पिछड़े समाज के एक बहुत बड़े भाग को आरक्षण और अन्य योजनाओं का लाभ मिल सकेगा| प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उप-वर्गीकरण के मुद्दे की जांच के लिए संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत एक आयोग की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह आयोग अपनी रिपोर्ट 12 सप्ताह के अन्दर देगा | इस आयोग की संस्तुतियों के आधार पर पिछड़े वर्गों के अन्दर उपवर्गों को भी बनाया जाएगा |

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उपवर्गों के प्रावधान से पिछड़ी जातियों के अन्दर ही जिन जातियों को आर्थिक पिछड़ेपन की वजह से आरक्षण और अन्य सुविधाओं की अधिक आवश्यकता है उन्हें प्राथमिकता दी जा सकेगी | उपवर्गों का प्रावधान भाजपा की प्रदेश सरकारों ने पहले कई राज्यों में लागू किया था जिसके परिणाम काफी लाभकारी रहे | तदुपरांत अब तक 11 राज्यों में राज्य सरकारों ने उपवर्ग के प्रावधान को लागू किया है | पिछड़े वर्गों को न्यायसंगत लाभ देने के लिए इन प्रावधानों को वैज्ञानिक पद्धति द्वारा नियोजित तरीके से पूरे देश में लागू किया जाएगा| मोदी सरकार का यह कदम भाजपा और उसकी सरकारों की पिछड़े और सामाजिक वर्गों के सम्पूर्ण विकास के प्रति संवेदनशीलता और कटिबद्धता का प्रमाण है |

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने इसी प्रयास के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का ऐतिहासिक काम किया था परन्तु कांग्रेस पार्टी के विपरीत रुख के कारण इससे सम्बंधित संवैधानिक संशोधन नहीं हो सका | परन्तु मुझे विश्वास है कि मोदी सरकार शीघ्र ही इस कानून को संसद में पारित करा कर पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलायेगी जिससे कि विकास की पंक्ति में सबसे पीछे खड़े पिछड़ी जातियों के व्यक्ति का विकास हो सके |


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