Press Statement issued by BJP National President, Shri Amit Shah on "NDA govt Launched a new crop Insurance Scheme"

Wednesday, 13 January 2016


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा जारी प्रेस वक्तव्य

किसानों के हित में ऐतिहासिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को हार्दिक बधाई: अमित शाह
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किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि को मोदी सरकार ने खरीफ फसलों के लिए मात्र 2%, रबी के लिए 1.5% तथा वार्षिक वाणिज्यि क एवं बागवानी फसलों के लिए केवल 5% तक सीमित कर दिया है: अमित शाह
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पिछले तीन दशक से चलाई जा रहीं अलग-अलग फसल बीमा योजनाएँ केवल 23 फीसद किसानों तक ही पहुंच पाईं है जबकि मोदी सरकार ने अगले 3 वर्षों में देश के अधिक-से-अधिक किसानों को इस बीमा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है: अमित शाह
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किसान हितैषी मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा स्वतंत्र भारत का एक ऐतिहासिक कदम: अमित शाह
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प्रधानमंत्री फसल बीमा 'सुरक्षित फसल, समृद्ध किसान' की अवधारणा को अमलीजामा पहनाने की दिशा में मोदी सरकार द्वारा किया गया एक सार्थक और व्यापक प्रयास: अमित शाह
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मोदी सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई मॉडिफाइड नेशनल एग्रीकल्चर इनश्योरेन्स स्कीम से कई गुना बेहतर: अमित शाह
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देशभर के लगभग 14 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सीधे तौर पर फायदा पहुँचेगा: अमित शाह
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इस फसल बीमा योजना में एक सीजन, एक प्रीमियम का प्रावधान किया गया है: अमित शाह
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मोदी सरकार ने नए फसल बीमा में प्रीमियम राशि पर से कैपिंग को पूर्णतया हटा दिया है जिससे कि किसानों को शतप्रतिशत दावा राशि प्राप्त हो सके: अमित शाह
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नई फसल बीमा में मोदी सरकार ने उन बीमित किसानों को भी दावा राशि देने का प्रावधान किया है जो प्राकृतिक अापदाओं के चलते फसल की बोनी नहीं कर पाते थे अथवा स्थानीय आपदाओं के चलते जिनकी फसल बर्बाद हो जाती थी: अमित शाह
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फसल कटने के 14 दिन तक यदि फसल किसी कारणवश खेत में ही रह जाता है और इस दौरान किसी भी आपदा के कारण यदि फसल का नुकसान हो जाता है तो भी किसानों को इस योजना के तहत दावा राशि प्राप्त हो सकेगी: अमित शाह
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नई फसल बीमा योजना में टैक्नोलॉजी के प्रयोग को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि फसल कटाई/नुकसान का आकलन शीघ्र और सही हो सके और किसानों को दावा राशि त्वरित रूप से मिल सके: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज बुधवार को लोहिड़ी, पोंगल एवं बीहू जैसे त्यौहारों के शुभ अवसर मोदी सरकार द्वारा किसानों के हित में लाये गये ऐतिहासिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने इस क्रांतिकारी योजना को मूर्त रूप में लाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को बधाई दी। भाजपा अध्यक्ष श्री अमित शाह ने किसान हितैषी मोदी सरकार द्वारा शुरू किये गए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को एक ऐतिहासिक कदम करार दिया और कहा कि यह 'सुरक्षित फसल, समृद्ध किसान' की अवधारणा को अमलीजामा पहनाने पहनाने की दिशा में मोदी सरकार द्वारा किया गया एक सार्थक और व्यापक प्रयास है।

अधिक व्यापक फसल बीमा योजना
श्री शाह ने कहा कि देशभर के करोड़ों किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बीमा योजनाएं समय-समय पर बनती रहीं हैं लेकिन पिछले तीन दशक से चलाई जा रहीं अलग-अलग फसल बीमा योजनाएं केवल 23 फीसद किसानों तक ही पहुंच पाईं है जबकि मोदी सरकार ने अगले 3 वर्षों में देश के अधिक-से-अधिक किसानों को इस बीमा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि पुरानी योजनाओं की अच्छाइयों को नई योजना में समावेश किया गया है अधिकांश खामियों और विसंगतियों का निवारण कर दिया गया है और इस तरह यह योजना किसानों की भलाई के लिए पुरानी किसी भी योजना से बेहतर है।

छोटा प्रीमियम, बड़ा बीमा और एक फसल - एक दर
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पहले उच्च प्रीमियम दर के चलते जहाँ किसान पहले फसल बीमा अपनाने से कतराते थे वहीं मोदी सरकार ने नई फसल बीमा में किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि को बहुत कम कर दी है ताकि अधिक से अधिक किसान इस फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस की फसल बीमा योजना में किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि खरीफ फसलों के लिए 22% थी वहीं मोदी सरकार ने इसे नाम मात्र के केवल 2% पर सीमित कर दिया है, इसी तरह रबी के लिए कांग्रेस की फसल बीमा योजना में किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि को 15% से घटाकर मात्र 1.5% कर दिया है. उन्होंने कहा कि वार्षिक वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए प्रीमियम राशि भी केवल 5% तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब किसानों द्वारा दी गई प्रीमियम राशि की पांच गुनी रकम का अनुमानित योगदान भारत सरकार देगी ताकि देश के किसानों पर अतिरिक्त बोझ ना बढ़े और उन्हें फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले जहाँ एक मौसमिक अवधि के लिए विभिन्न प्रीमियम राशि का पैमाना था, वहीं इस फसल बीमा योजना में एक सीजन, एक प्रीमियम का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि अब पहले के जिलावार अलग-अलग दर के बजाय देश भर में हर फसल की एक समान दर निर्धारित की गई है जो अपने आप में एक अनूठी पहल है।

नो कैपिंग और शत-प्रतिशत दावा राशि का प्रावधान
उन्होंने कहा कि 2010 में कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई मॉडिफाइड नेशनल एग्रीकल्चर इनश्योरेन्स स्कीम में प्रीमियम राशि के अधिक हो जाने की दशा में एक कैप निर्धारित रहता था जिससे सरकार द्वारा वहन की जाने वाली प्रीमियम राशि कम हो जाती थी और इसके परिणामस्वरूप किसानों को मिलने वाली दावा राशि भी अनुपातिक रूप से कम हो जाती थी। उन्होंने कहा कि ठीक इसके विपरीत मोदी सरकार ने नए फसल बीमा में प्रीमियम राशि पर से कैपिंग को पूर्णतया हटा दिया है जिससे कि किसानों को शतप्रतिशत दावा राशि प्राप्त हो सके। एक उदाहरण देते हुए श्री शाह ने कहा कि पहले जहाँ 900 रुपये के प्रीमियम पर शतप्रतिशत नुकसान की दशा में भी किसान को मात्र 15 हजार रुपए की दावा राशि प्राप्त होती थी, वहीं अब किसानों को मात्र 600 रुपये के प्रीमियम पर शतप्रतिशत दावा राशि (अनुमानित 30 हजार प्रति हेक्टेयर, 22% एक्चूरियल प्रीमियम पर) प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि नई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कई मायनों में 2010 में कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई मॉडिफाइड नेशनल एग्रीकल्चर इनश्योरेन्स स्कीम से काफी बेहतर है।

सही मुआवजा, ज्यादा जोखिम - ज्यादा सहायता और ज्यादा सुरक्षा
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पुरानी फसल बीमा योजनाओं के अंतर्गत किसानों के खेतों में जल भराव की स्थिति में किसानों को मिलने वाली दावा राशि इस बात पर निर्भर करती थी कि यूनिट आफ इंश्योरेंस अर्थात गाँव अथवा गाँवों के समूह में कितना फसल नुकसान हुआ है जिसके कारण कई बार नदी नाले के किनारे या निचले स्थल में स्थित खेतों में नुकसान के बावजूद किसानों को दावा राशि प्राप्त नहीं होती थी। श्री शाह ने कहा कि पहले स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओला, जल भराव, भू-स्खलन इत्यादि को भी फसल बीमा योजना से दूर रखा गया था जिससे किसान अपने फसल के बर्बाद होने के बावजूद बीमा योजना की सहायता राशि से वंचित रह जाते थे जबकि मोदी सरकार की इस नई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हर तरह के स्थानीय आपदाओं को शामिल किया गया है और इस योजना के तहत प्रभावित किसानों का सर्वे करा कर उन्हें दावा राशि प्रदान की जाएगी ताकि अधिकतम किसानों को इस बीमा योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले के फसल बीमा योजना को परिष्कृत करते हुए नई फसल बीमा में भाजपा सरकार ने उन बीमित किसानों को भी दावा राशि देने का प्रावधान किया है जो प्राकृतिक अापदाओं के चलते फसल की बोनी नहीं कर पाते थे। श्री शाह ने कहा कि नई फसल बीमा योजना में पहली बार पोस्ट हार्वेस्ट नुकसानों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि फसल कटने के 14 दिन तक यदि फसल किसी कारणवश खेत में ही रह जाता है और इस दौरान किसी भी आपदा के कारण यदि फसल का नुकसान हो जाता है तो भी किसानों को इस योजना के तहत दावा राशि प्राप्त हो सकेगी।

फसल बीमा योजना का सरलीकरण और स्थानीय आकलन
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पहले जहाँ फसल कटाई अथवा फसल नुकसान के आंकड़े का आकलन करने के लिए टैक्नोलॉजी का प्रयोग आवश्यक नहीं था, वहीं इस नई फसल बीमा योजना में टैक्नोलॉजी के प्रयोग को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि फसल कटाई/नुकसान का आकलन शीघ्र और सही हो सके और किसानों को दावा राशि त्वरित रूप से मिल सके। उन्होंने कहा कि रिमोट सेंसिंग के माध्यम से फसल कटाई प्रयोगों की संख्या कम की जाएगी और फसल कटाई प्रयोग के आंकड़े तत्कल स्मार्टफोन के माध्यम से अप-लोड कराए जाएंगे जिससे कि किसानों को मिलने वाली दावा राशि में अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

एक देश, एक योजना
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ‘एक देश, एक योजना' के सिद्धांत पर काम कर रही है और इस दिशा में बड़ी पहल करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा-नीत केंद्र सरकार ने देश भर में फसल बीमा के लिए एक समान नियमों और शर्तों की समान योजना लागू करने का काम किया है।


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