Salient Points of Speech in Public Rally at Nawada, Aurangabad and Samastipur Bihar

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा बिहार के नवादा के मेसकौर, औरंगाबाद के हसपुर और समस्तीपुर की रैली में दिए गए संबोधन के मुख्य अंश

यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो सम्पूर्ण गौ-वंश की हत्या को राज्य में प्रतिबंधित किया जाएगा: अमित शाह
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भाजपा ने पिछड़े वर्ग से सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री देश को दिए हैं
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महास्वार्थबंधन के नेताओं का अहंकार बिहार के विकास में मुख्य बाधक है: अमित शाह
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता विकास में पिछड़ गए गरीबों, दलितों, पिछड़ों, शोषितों और वंचितों का समुचित विकास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल कराना है: अमित शाह
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यह कितना हास्यास्पद है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सवा लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज पर श्री नीतीश कुमार कटाक्ष कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि ये पैकेज उनके लिए नहीं, बिहार के विकास के लिए है: अमित शाह
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बिहार की जनता राजग को विजयी बनाने के लिए ऐसे बटन दबाए कि इटली तक करंट दौड़ जाए: अमित शाह
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अगर बिहार में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा-नीत राजग की सरकार बनती है तो यहां के बेरोजगारों को मुम्बई और दिल्ली की ओर रुख नहीं करना पडेगा: अमित शाह
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एक तरफ विकसराज का एकजुट राजग गठबंधन है तो दूसरी तरफ किसी भी तरह से राज्य की सत्ता पर काबिज होने की फ़िराक़ में किया गया महास्वार्थबंधन : अमित शाह
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श्री नीतीश कुमार के एक कंधे पर तो जंगलराज और अपराध के प्रतीक श्री लालू यादव हैं तो दूसरे कंधे पर 12 लाख करोड़ रुपये का घपला करनेवाली कांग्रेस, ऐसे में भला उनसे राज्य के विकास की आशा कैसे: अमित शाह
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लालू जी के शासन को जंगलराज का नाम हमने नहीं, श्री नीतीश कुमार ने दिया था, आज सत्ता-सुख के लिए वह उन्हीं लालू जी के साथ चल रहे हैं, यह कैसा विरोधाभास है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को बिहार के नवादा के मेसकौर, औरंगाबाद के हसपुर और समस्तीपुर की रैली में विशाल जन-समुदाय को सम्बोधित किया और इस बार के बिहार विधान सभा चुनाव में जनता से राज्य में दो तिहाई की बहुमत से भाजपा की अगुआई में राजग सरकार बनाने की अपील की।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जो बिहार के विकास के लिए 1 लाख 65 करोड़ का विशेष पैकेज दिया है, यह पैकेज गाँवों को सड़कों से जोड़ेगा, खेतों में सिंचाई के लिए समुचित पानी की व्यवस्था करेगा, बिहार के युवाओं के लिए रोजगार का सृजन करेगा, गरीब और उपेक्षित लोगों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को विकसित करेगा और राज्य में उद्योग-कारखानों के साथ-साथ राज्य के बुनियादी ढाँचे के तंत्र को मजबूत करेगा। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया विशेष पैकेज बिहार सरकार के तीन साल के बजट के बराबर है और यह पैकेज बिहार के विकास के लिए है। उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार को कोई अधिकार नहीं है कि वह बिहार की जनता को उनके विकास से महरूम रखे। उन्होंने कहा कि यह कितना हास्यास्पद है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सवा लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज पर श्री नीतीश कुमार कटाक्ष कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि ये पैकेज उनके लिए नहीं, बिहार के विकास के लिए है। श्री शाह ने कहा कि सत्ता के स्वार्थ के लिए किया गया कांग्रेस, राजद और जद(यू) का गठबंधन प्रधानमंत्री जी द्वारा राज्य के विकास और उसकी समृद्धि के लिए दिए गए पैकेज को सही तरीके से लागू कर पाएगी, इसमें संदेह है। उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज बिहार के युवाओं को पढ़ाई और रोजगार के लिए बिहार से पलायन करना पड़ रहा है, हमें इस स्थिति को बदलना है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक ऐसी सरकार चाहिए जो केंद्र से कंधे-से-कंधा मिलाकर विकास के पथ पर आगे बढ़े और ऐसा केवल प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा की अगुआई वाली राजग सरकार ही कर सकती है। श्री शाह ने कहा कि बिहार में हम ऐसी लोक-कल्याणकारी सरकार की स्थापना करना चाहते हैं जो बिहार के गाँवों का विकास कर सके, जो राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित कर सके, युवाओं के लिए राज्य में रोजगारों का निर्माण कर सके और विकास में पिछड़ गए गरीबों, दलितों, पिछड़ों, शोषितों और वंचितों का समुचित विकास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल कर सके।

श्री शाह ने श्री लालू यादव पर तंज करते हुए कहा कि बिहार की जनता लालू के जी 15 साल के जंगलराज को याद कर आज भी सिहर उठती है। उन्होंने कहा कि श्री लालू जी का विकास और समाजवाद, परिवारवाद पर सिमट कर रह गया है। श्री शाह ने कहा कि महागठबंधन ने बेटे बेटियों की सरकार चलाई, हमने हर जगह गरीबों और पिछड़ों के उत्थान की सरकार चलाई है। उन्होंने कहा कि श्री लालू जी का पूरा ध्यान अपने परिवार के विकास पर केंद्रित है, जबकि भाजपा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' की परिकल्पना के आधार पर सबका विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि लालू जी राज्य के विकास की बात करने के बजाय उलूल-जुलूल बोलते रहते हैं, वह बिहार के गरीब, दलित, महादलित और पिछड़े वर्ग के कल्याण की बात क्यों नहीं करते, वह राज्य में बिजली की स्थिति पर बात क्यों नहीं करते, सड़कों पर बात क्यों नहीं करते, स्कूलों और कॉलेजों की बात क्यों नहीं करते, अस्पतालों और चिकित्सकों की बात क्यों नहीं करते, वह प्रदेश के विकास और रोजगार की बात क्यों नहीं करते? उन्होंने कहा कि कभी लालू जी कौवों-चूहों और गौ-मांस को लेकर विवादित बयान देते हैं, कभी उन्हीं की पार्टी के रघुवंश बाबू हमारे ऋषि-मुनियों को लेकर अनाप-शनाप बोलते हैं, बिहार की जनता को ऐसे कुत्सित सोच वाले राजनेता कदापि स्वीकार्य नहीं हो सकते, उन्हें राज्य का विकास करनेवाले, राज्य के गरीबों और पिछड़ों का कल्याण करनेवाले राजनेताओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो सम्पूर्ण गौ-वंश की हत्या को राज्य में प्रतिबंधित किया जाएगा।

भाजपा अध्यक्ष श्री शाह ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जनता से अपील की कि वह राजग को विजयी बनाने के लिए ऐसे बटन दबाए कि इटली तक करंट दौड़ जाए।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ विकसराज का एकजुट राजग गठबंधन है तो दूसरी तरफ किसी भी तरह से राज्य की सत्ता पर काबिज होने की फ़िराक़ में किया गया महास्वार्थबंधन। उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार के एक कंधे पर तो जंगलराज और अपराध के प्रतीक श्री लालू यादव हैं तो दूसरे कंधे पर 12 लाख करोड़ रुपये का घपला करनेवाली कांग्रेस, ऐसे में भला उनसे राज्य के विकास की आशा कैसे की जा सकती है? श्री शाह ने कहा कि बिहार को श्री लालू प्रसाद यादव के जंगलराज से मुक्ति दिलाने के लिए ही राज्य की जनता ने उन्हें भाजपा के साथ अपना जनादेश दिया था और भाजपा ने उन्हें राज्य के सत्ता की बागडोर सौंपी थी, लेकिन 20 वर्षों तक लगातार लालू जी के जंगलराज के विरोध की राजनीति करनेवाले श्री नीतीश कुमार आज फिर केवल सत्ता का सुख भोगने के उद्देश्य से श्री लालू जी के जंगलराज के साथ समझौता कर बिहार के विकास को दाव पर लगा दिया। श्री शाह ने कहा कि लालू जी के शासन को जंगलराज का नाम हमने नहीं, श्री नीतीश कुमार ने दिया था, आज सत्ता-सुख के लिए वह उन्हीं लालू जी के साथ चल रहे हैं, यह कैसा विरोधाभास है? उन्होंने कहा कि आखिर बिहार की जनता उनपर विकास का विशवास कैसे करे? श्री शाह ने कहा कि बिहार का विकास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव है।

श्री शाह ने श्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि श्री नीतीश कुमार हमेशा से विश्वासघात करने की राजनीति करते आये हैं, पहले उन्होंने कांग्रेस से समझौता कर लोकनायक जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया और जननायक कर्पूरी ठाकुर के सिद्धांतों के साथ विश्वासघात किया, लालू जी से हाथ मिलकर राज्य की जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात किया और फिर एक दलित के बेटे को राज्य के मुख्यमंत्री पद से हटाकर, राज्य की सत्ता पर काबिज होकर बिहार के दलित के साथ भी विश्वासघात करने का पाप किया है। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार की जनता उन्हें माफ़ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि महास्वार्थबंधन के नेताओं का अहंकार बिहार के विकास में मुख्य बाधक है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जनता के समेकित विकास और गरीबों एवं पिछड़ों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं चलाई है चाहे वह प्रधानमंत्री जन-धन सुरक्षा योजना हो, या 12 रूपए और 330 रुपये सालाना के हिसाब से जीवन सुरक्षा बीमा या जीवन ज्योति बीमा योजना हो या फिर छोटे-मोटे रोजगार के लिए गरीबों को मुद्रा बैंक योजना के तहत आसान ऋण उपलब्ध कराने की बात हो। उन्होंने कहा कि अगर बिहार में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा-नीत राजग की सरकार बनती है तो यहां के बेरोजगारों को मुम्बई और दिल्ली की ओर रुख नहीं करना पडेगा। उन्होंने कहा कि हमने अपने घोषणापत्र में समाज के पिछड़ों, अति-पिछड़ों, दलितों, महादलितों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाओं का प्रावधान किया है और यदि बिहार में हमारी सरकार बनती है तो हम अनवरत रूप से राज्य के जनता की भलाई की दिशा में काम करेंगें।

श्री शाह ने कहा कि अगर बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार और जंगलराज से मुक्ति चाहिए, रोजगार एवं निवेश चाहिए, तकनीकी शिक्षा चाहिए, गरीबों और पिछड़ों की स्थिति में सुधार चाहिए तो बिहार की जनता को एकमत से फैसला करके राज्य में दो-तिहाई की पूर्ण बहुमत से भाजपा-नीत सरकार बनानी होगी।

(इंजी. अरुण कुमार जैन)
कार्यालय सचिव

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