Salient Points of Addressing Press Interview in Patna, Bihar

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा बिहार के पटना में प्रेस वार्ता में दिए गए उद्बोधन के मुख्य अंश

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा मुख्य एजेंडा विकास है और बिहार का विकास हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है: अमित शाह
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राज्य में हुए पहले दो चरणों के मतदान में भाजपा-नीत राजग को लगभग 54-58 सीटें मिलने जा रही है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी वो पार्टी है जिसमें सबसे ज्यादा पिछड़े मुख्यमंत्री हैं और भाजपा ने ही देश को पिछड़े वर्ग से प्रधानमंत्री दिया है: अमित शाह
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श्री नीतीश कुमार कई सालों तक श्री लालू यादव के राज को जंगलराज कहकर विरोध करते रहे, लेकिन आज सत्ता और केवल सत्ता प्राप्ति करने के उद्देश्य से श्री नीतीश कुमार ने श्री लालू यादव से फिर से हाथ मिला लिया: अमित शाह
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श्री नीतीश कुमार भाजपा पर योजनाओं की रीपैकेजिंग का आरोप लगाते हैं, मैं पूछना चाहता हूँ कि वर्षों पहले बिहार के विकास के लिए शुरू हुई योजनाएं क्यों अभी तक अधर में लटकी पड़ी हैं और हमें उसे पूरा करने के लिए फिर से योजनाएँ क्यों बनानी पड़ रही है: अमित शाह
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बिहार के लोग अपने राज्य को बीमारू राज्य के तौर पर नहीं देखना चाहते: अमित शाह
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बिहार की जनता ने लगातार कांग्रेस, लालू जी और श्री नीतीश कुमार को शासन का मौक़ा दिया है एवं इसे देखा और परखा है लेकिन ये सभी सरकारें राज्य में विकास के साथ-साथ बिहार के गौरव को पुनर्स्थापित करने में विफल रही है: अमित शाह
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श्री लालू यादव विकास की बजाय अगड़ों-पिछड़ों के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं: अमित शाह
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महागठबंधन का आधार स्वार्थ है और इसे बिहार की जनता ने अच्छे से समझा है: अमित शाह
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बिहार की जनता जंगलराज-2 कतई नहीं चाहती और पलायन के मुद्दे पर भी जनता में भारी रोष है: अमित शाह
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वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग-धंधा करने की दृष्टि से बिहार अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है: अमित शाह
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भाजपा कभी भी जाति-पाति की राजनीति नहीं करती: अमित शाह
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भाजपा आरक्षण में किसी भी प्रकार के बदलाव की विरोधी है: अमित शाह
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महागठबंधन बिहार चुनाव को मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है: अमित शाह: अमित शाह
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संविधान में दलित, आदिवासी, पिछड़े और अति पिछड़े को जो अधिकार दिया है, भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उसको अक्षुण रखने के लिए कटिबद्ध है: अमित शाह
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग बिहार में परिवर्तन लाने के लिए कृतसंकल्प है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज सोमवार को पटना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और विभिन्न मुद्दों पर पत्रकारों के प्रश्नों का बेबाकी से जवाब दिया और बिहार में भाजपा की अगुआई में राजग की दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि राज्य में हुए पहले दो चरण के मतदान में भाजपा-नीत राजग को क्रमशः लगभग 32-34 और 22-24 सीटें मिलने जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में संपन्न हुए दो चरणों के चुनावों में राजग को भारी जन-समर्थन मिला है और आने वाले चरणों में भी हम इसी तरह अपनी बढ़त बनाये रखेंगे और शानदार जीत दर्ज करेंगें।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "श्री लालू यादव, श्री नीतीश कुमार और कांग्रेस के महागठबंधन को 'स्वार्थ वाला महागठबंधन' बताते हुए कहा कि 'श्री नीतीश कुमार कई सालों तक श्री लालू यादव के राज को जंगलराज कहकर विरोध करते रहे, लेकिन आज सत्ता प्राप्ति के लिए दोनों साथ आ गए। यहां तक कि कभी कांग्रेस का विरोध करते रहे दोनों नेता आज सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाने से भी परहेज नहीं किया।" श्री शाह ने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने केवल और केवल सत्ता के लिए लालू जी से हाथ मिलाया है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का आधार स्वार्थ है और इसे बिहार की जनता ने अच्छे से समझा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता जंगलराज-2 कतई नहीं चाहती और पलायन के मुद्दे पर भी जनता में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अपने राज्य को बीमारू राज्य के तौर पर नहीं देखना चाहते।

बिहार में विकास के मुद्दे पर बोलते हुए श्री शाह ने कहा कि बिहार में नीतीश सरकार ने कोई काम नहीं किया और वह हर मोर्चे पर विफल रही है। भाजपा अध्यक्ष ने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा कि आपने लगातार कांग्रेस, लालू जी और श्री नीतीश कुमार को शासन का मौक़ा दिया है एवं इसे देखा और परखा है लेकिन ये सभी सरकारें राज्य में विकास के साथ-साथ बिहार के गौरव को पुनर्स्थापित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली की स्थिति अच्छी नहीं है, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दयनीय है और युवा पढ़ाई और रोजगार के लिए राज्य से पलायन के लिए विवश हैं। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग-धंधा करने की दृष्टि से बिहार अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है। उन्होंने कहा कि हम लगातार इस चुनाव में विकास को मुद्दा बना रहे हैं क्योंकि अभी भी बिहार विकास में बड़े पैमाने पर पिछड़ा हुआ है जबकि महागठबंधन कभी गोमांस तो कभी जाति-पाति को मुद्दा बनाने की कोशिश की रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी जाति-पाति की राजनीति नहीं करती।

आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए श्री शाह ने कहा कि आरक्षण को लेकर बीजेपी की दृष्टि साफ है। उन्होंने कहा कि भाजपा आरक्षण में किसी भी प्रकार के बदलाव की विरोधी है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से आरक्षण व्यवस्था की पक्षधर रही है और इस में किसी भी तरह के परिवर्तन की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी अपना रूख साफ कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रिश्ते पुराने हैं और दोनों के बीच किसी भी प्रकार का कोई अंतर्विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख श्री मोहन भागवत ने कभी आरक्षण के मुद्दे पर ऐसा नहीं कहा कि हम आरक्षण की व्यवस्था को बदल दें। श्री अमित शाह ने कहा कि महागठबंधन बिहार चुनाव को मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस बार के विधान सभा चुनाव में भाजपा-नीत गठबंधन दो तिहाई बहुमत से विजयी होगी। उन्होंने कहा कि बहुमत मिलने के साथ ही पार्टी एवं संसदीय दल की बैठक में मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा।

उन्होंने बिहार विधान सभा चुनाव में महागठबंधन के भविष्य पर बोलते हुए कहा कि एक तो महागठबंधन बिहार में सत्ता में आने वाली नहीं है और यदि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो श्री लालू यदाव ही रिमोट से बिहार में सरकार चलायेंगें। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने दलितों, वंचितों व पिछड़ों का शोषण करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के नेताओं ने जनता को केवल सब्जबाग दिखाया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बयानों के संबंध में उन्होंने कहा कि वे उनका जवाब नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि उनके बयानों का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि श्री लालू यादव विकास की बजाय अगड़ों-पिछड़ों के नाम पर समाज को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि पिछड़ों की बात कर के और फिर पिछड़ों का शोषण करके आप और शासन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दलितों, शोषितों और पिछड़ों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वो पार्टी है जिसमें सबसे ज्यादा पिछड़े मुख्यमंत्री है और भाजपा ने ही देश को पिछड़े वर्ग से प्रधानमंत्री दिया है।

योजनाओं की रीपैकेजिंग के आरोप पर श्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 1965 में गंगा नदी पर पुल बनाने की घोषणा की गई लेकिन केंद्र में यूपीए की सरकार और राज्य में श्री लालू और श्री नीतीश कुमार के सरकार के रहने के बावजूद अभी तक गंगा नदी पर पुल का निर्माण क्यों नहीं हो सका। उन्होंने पूछा कि योजनाओं की पूरी करनी की जिम्मेदारी किसकी थी? उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार के राज मेें रोजगार के लिए लाखों बिहार वासियों को क्यों पलायन करना पड़ रहा है, बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति इतनी दयनीय क्यों है, अभी तक गाँवों में सड़कें क्यों नहीं पहुँची है, क्यों अभी तक राज्य में हर जगह बिजली नहीं पहुँची है? उन्होंने कहा कि क्यों बिहार के विकास के लिए बनी सभी योजनाएँ अधर में लटकी हुई है और हमें उसे पूरा करने के लिए फिर से योजनाएँ क्यों बनानी पड़ रही है।

भाजपा अध्यक्ष ने भाजपा शाषित परदेशों में विकास की बहती बयार पर बोलते हुए कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है, हमने 24 घंटे बिजली पहुंचाई है, हर गाँव का विकास किया है, स्वास्थ्य सेवायें उन्नत हुई है, सड़कों का जाल बिछाया गया है, हमने विकास की दृष्टि से पिछड़े राज्यों को आगे ले जाने का काम किया है एवं विकास के हरेक पैमाने पर हमने आगे बढ़कर विकास का नया मानदंड स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने विकास करके दिखाया है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का एकमात्र मुद्दा विकास है। संविधान में दलित, आदिवासी, पिछड़े और अति पिछड़े को जो अधिकार दिया है, भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उसको अक्षुण्ण रखने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र भाई मोदी के विकास का जो मार्ग है उसका मध्य बिंदु ही यही है सभी पिछड़ों, दलितों और महादलितों को साथ में लेकर विकास की दौड़ में आगे जाया जाये।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा मुख्य एजेंडा विकास है और बिहार का विकास हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोक सभा चुनाव के दौरान ही यह साफ़ कर दिया था कि देश के पूर्वी हिस्से को विकास के क्षेत्र में देश के पश्चिमी हिस्से के समकक्ष करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के साथ ही श्री नरेन्द्र भाई मोदी ने बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए के लिए योजनाएं बनायी, उसके क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार की और योजनावार बजट का निर्धारण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिहार को दी गई कुल 1.65 लाख करोड़ की राशि बिहार के युवाओं, किसानों, गरीबों, दलितों और पिछड़ों के कल्याण के लिए है। श्री शाह ने कहा कि राजग के सरकार बनने के 15 महीनों में ही प्रधानमंत्री जी ने देश के पूर्वी हिस्से के विकास को ध्यान में रखते हुए कई फैसले लिए, जैसे 14 वें वित्त आयोग के अंतर्गत राज्यों के लाभांशों को बढ़ाने का फैसला जिसके कारण इस पंचवर्षीय योजना में बिहार को करीब –करीब दो लाख करोड़ रूपये का फायदा होगा।

लेखकों द्वारा लौटाए जा रहे सम्मानों पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जिन दो घटनाओं को लेकर साहित्यकार पुरस्कार लौटा रहे हैं, वो दोनों भाजपा शाषित राज्यों में नहीं हुई। उन्होंने कहा कि एक घटना कर्नाटक में हुई, जहाँ कांग्रेस की सरकार है और दूसरी दादरी में हुई जहां समाजवादी पार्टी की सरकार है। उन्होंने कहा कि ज़ाहिर है कि साहित्यकारों का गुस्सा सपा और कांग्रेस के प्रति है क्योंकि क़ानून और व्ययस्था राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है, न कि केंद्र की।

भाजपा अध्यक्ष ने बिहार के चुनाव में पार्टी द्वारा पूरी ताकत झोंक दिए जाने को लेकर कहा कि बिहार ही नहीं, हर चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण होता है और भाजपा के सभी बड़े नेता वहां चुनाव प्रचार करने के लिए जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की रैलियों को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में श्री शाह ने कहा कि पहले वह 20 रैलियों को सम्बोधित करने वाले थे, अब वह 22 रैलियों को संबोधित करेंगें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंती की दो रैलियां तो और बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बिहार में परिवर्तन लाने के लिए कृतसंकल्प हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से बिहार की जनता से अनुरोध करना चाहता हूँ कि जैसे पहले दो चरण में भारतीय जनता पार्टी और राजग का मुखर होकर आपने समर्थन किया, ऐसे ही तीसरे, चौथे और पांचवे चरण के चुनाव में आप विकास के लिए भारी मात्र में मतदान करिए और एक निर्णायक सरकार बनाकर बिहार को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए तैयार हो जाइए।

(इंजी. अरुण कुमार जैन)
कार्यालय सचिव

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