Salient Points of Speech by Shri Amit Shah Addressing Party Workers on the Occasion of "Sthapana Diwas"

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के भाषण के मुख्य बिन्दु

डाॅ. मुखर्जी के नेतृत्व में 10-12 नवयुवकों ने मिलकर जिस पार्टी की नींव रखी आज वह लगभग 10 करोड़ सदस्यों वाली विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है: अमित शाह
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दुनिया की सभी राजनीतिक पार्टियों के इतिहास में हमारी राजनीतिक यात्रा सबसे रोमांचक और संघर्षपूर्ण रही है: अमित शाह
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एकात्म मानववाद का चिंतन शाश्वत और कालजयी है: अमित शाह
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सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, एकात्म मानववाद का चिंतन और भाजपा की स्थापना के समय पंचनिष्ठाओं की घोषणाएं, इसी के आधार पर भाजपा चली है: अमित शाह
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नवनिर्माण और पुनर्निर्माण दो शब्द हैं जो कांग्रेस और भाजपा की विचारधारा में अंतर स्पष्ट करते हैं: अमित शाह
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार मतों के पीछे न भागकर देश के दीर्घकालिक विकास और विश्व में भारत को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए काम कर रही है: अमित शाह

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने भाजपा केन्द्रीय कार्यालय में आयोजित भाजपा के 35वें स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। श्री शाह ने इस अवसर पर कहा कि सिद्धांतों, नेताओं और कार्यक्रमों के मानक पर भारतीय जनता पार्टी सर्वश्रेष्ठ पार्टी है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार ने देश के विकास के लिए, गरीबों, मजदूरों, वंचितों, महिलाओं और युवाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम शुरु किए हैं इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे इन कार्यों को जनता तक पहुंचाएं। श्री शाह ने भारतीय जनता पार्टी के दो नए कार्यक्रम- संपर्क अभियान और प्रशिक्षण अभियान शुरु करने की घोषणा भी की।

श्री शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत भाजपा कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई देकर की। श्री शाह ने बताया कि भाजपा की स्था्पना क्यों हुई, वह कैसे अस्तिव में आई, भाजपा की अब तक की राजनीतिक यात्रा कैसी रही और पार्टी को आगे क्या करना है। उन्होंने कहा कि अगर हम इन बातों को ठीक से समझ लेते हैं तो आज देश के राजनीतिक परिदृश्य में जिस तरह पार्टी की जो जिम्मेदारी है उसका निर्वहन करने में हमें बड़ी सरलता महसूस होगी और हम ठीक से अपनी जिम्मेदारी को पूरा कर पाएंगे।

श्री शाह ने कहा कि भाजपा की यात्रा दो कालखंड में बंटी हैं। पहले जनसंघ और बाद में भाजपा की स्थापना। जनसंघ की स्थापना श्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में दस-ग्यारह युवाओं को साथ लेकर हुई। दुनिया की सभी राजनीतिक पार्टियों के इतिहास में यह यात्रा सबसे रोमांचक और संघर्षपूर्ण रही है। भारतीय जनता पार्टी ऐसी पार्टी है जिसने देश के भले के लिए और समस्याओं के समाधान के लिए कार्यक्रम बनाए, संघर्ष किया और सत्ता पर पहुंचकर आज उसके निवारण के लिए कार्यरत है। ये तीनों स्टे्ज शायद ही किसी पार्टी के सामने आए हैं।

श्री शाह ने कहा कि जनसंघ की स्थापना के समय देश में कांग्रेस का शासन था। उस समय दूरदृष्टि रखने वाले जन संघ के संस्थापकों ने देखा कि देश के विकास की नींव पाश्चात्य विचारों पर रखी जा रही है। चाहे वह देश की विदेश नीति हो, आर्थिक नीति हो, औद्योगिक नीति हो, कृषि नीति हो या बहुत महत्वपूर्ण शिक्षा नीति। इन सब नीतियों का का आधार पाश्चांत्य विचारों पर था। देश की नींव जिन विचारों के आधार पर रखी जा रही थी उसमें कहीं भी देश की माटी की सुगंध नहीं थी। देश के मूल विचारों का उसमें स्थान नहीं था। उस वक्त उन मनीषियों को लगा कि देश अगर लंबे समय तक इस रास्ते पर चला तो देश भटक जाएगा और देश अपने गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंच पाएगा। इसलिए एक अलग विचार रखने के लिए जनसंघ की स्थापना की गई। उस वक्त लोंगो को मालूम नहीं था कि एक दिन यह विचार जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी के रूप में इतने व्यापक स्तर पर देश में प्रसारित होगा और एक दिन भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार आएगी। उस वक्त आशय सिर्फ इतना था कि एक अलग विचार रखकर इस देश की नीतियों को प्रभावित करें। एक अलग सोच देश की मीडिया क सामने तथा लोगों के सामने रखें और जो नीति निर्धारक बने हैं उनकी आत्मा को जाग्रत करने का काम करें। यह एक विनम्र प्रयास जनसंघ के माध्यम से किया गया था।

श्री शाह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का विचार दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। 50 साल पहले बना हुआ यह चिंतन आज भी उतना ही प्रासंगिक है। एकात्म मानववाद का चिंतन शाश्वत और कालजयी है। एकात्म मानववाद में पूरे देश का कल्याण करने की क्षमता है और यह चिंतन हमारे विचारों का आधार है। हमें गौरव होना चाहिए कि हम ऐसे चिंतन को लेकर चलते हैं जो सिर्फ देश की सीमाओं तक नहीं है उससे पूरी दुनिया का भला हो सकता है। यही चिंतन हमारे काम का आधार बना है। श्री शाह ने कहा कि किसी पार्टी का मूल्यांकन तीन मानकों पर किया जा सकता है- सिद्धांत, नेता और कार्यक्रम। 1951 में जनसंघ से लेकर 2015 तक भाजपा की यह यात्रा पूरे विश्व के सामने इन तीनों मानदंडों पर मूल्यांकन के लिए खुली पड़ी है। समय जब इसका मूल्यांकन करेगा तो विश्व की सभी पार्टियों में भारतीय जनता पार्टी को सर्वोच्च स्थान देने के अलावा कोई दूसरा विकल्प किसी के पास नहीं होगा।

श्री शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी शुद्ध भारतीय चिंतन पर अपने सिद्धांत बनाने वाली पार्टी है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, एकात्म मानववाद का चिंतन और भाजपा की स्थापना के समय पंचनिष्ठाओं की घोषणाएं, इसी के आधार पर भाजपा चली है। भाजपा की विचारधारा में समूचे देश के सर्वसमावेशक विकास का विचार रहा है। अंत्योदय से लेकर समाज के हर तबके के व्यक्ति के लिए इसमें जगह है। इतना व्यापक चिंतन भारतीय जनता पार्टी का है।

श्री शाह ने कांग्रेस और भाजपा के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि देश जब आजाद हुआ तो कांग्रेस कहती थी कि देश का नवनिर्माण होना चाहिए जो पुराना है वह काम का नहीं है। जो पुराना था वो विफल रहा है। इसलिए उसे बदल डालिए और नया बनाइये। भाजपा कहती है कि कि देश का पुनर्निर्माण होना चाहिए। जो पुराना था वह श्रेष्ठा था। इसलिए जो नया श्रेष्ठ है उसे स्वीकार कीजिए और देश को आगे ले जाइये। नवनिर्माण और पुनर्निर्माण दो शब्द हैं जो कांग्रेस और भाजपा की विचारधारा में अंतर स्पष्ट करते हैं।

भारतीय जनता पार्टी की त्यागशील नेतृत्व परंपरा का उदाहरण देते हुए श्री शाह ने कहा कि हम बहुत किस्मत वाले कार्यकर्ता हैं जिन्हें एक ऐसे नेतृत्व की परंपरा मिली है जिनके जीवन में सिर्फ त्याग था और उसके अलावा कुछ नहीं था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्यायजी ने अपने जीवन का बलिदान दिया। उसके बाद अटलजी, आडवाणीजी और नानाजी देशमुख, भाई महावीर त्यागी, संदुर सिंह भंडारी, कुशाभाऊ ठाकरे जैसे अनेकानेक नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

श्री शाह ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कुछ लोग सादगी और आम आदमी होने की बात करते हैं। लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि भाजपा के तो ऐसे कई नेता थे जिनके जन्म से मृत्यु तक कभी बैंक खाता भी नहीं रहा। हमारे पास ऐसे नेता था जिनके जीवन में कभी घर नहीं बना, कार्यालय को ही घर बनाकर चले, जिनके जीवन में भी परिवार नहीं रहा, उन्होंने पूरे देश को परिवार मानकर अपना जीवन न्यौछावर किया। लेकिन मेरी पार्टी ने और पार्टी के नेताओं ने कभी इसकी मार्केटिंग नहीं की। त्याग भुनाने की चीज नहीं है। त्याग एक तपस्या और देश की समस्याओं के निवारण का यशस्वी मार्ग है। भाजपा के कार्यकर्ताओं को त्याग को भुनाने की चेष्टा नहीं करनी चाहिए, यह हमारे नेताओं ने हमें सिखाया है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर नरेन्द्र मोदी तक और दीनदयालजी से लेकर आज देशभर में फैले हजारों प्रचारकों ने अपने जीवन का लक्ष्य इसी तप को बनाया है।

श्री शाह ने कहा कि सैकड़ों पार्टियां चुनाव आयोग से पंजीकृत हैं लेकिन आंतरिक लोकतंत्र सिर्फ भारतीय जनता पार्टी में ही है। इसका उदाहरण वह स्वयं हैं जो गुजरात में एक बूथ कार्यकर्ता से आज भाजपा अध्यक्ष के पद तक पहुंचे हैं। इस पार्टी में ऐसी स्वतंत्रता है कि कोई बड़े घराने में जन्म लिए बगैर, किसी बड़ी राजनीतिक पृष्ठभूमि के बगैर एक चाय बेचने वाला व्यक्ति भी इस देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। यह विशिष्टता आज भाजपा के अलावा किसी अन्य पार्टी में नहीं है। हमें गर्व होना चाहिए कि हम ऐसी पार्टी के कार्यकर्ता हैं जिसका संगठन नेता बनने का प्लेटफार्म है।

श्री शाह ने कहा कि देश में 12 राज्यों में भाजपा की सरकार है तथा केंद्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी आज अधिक है। गरीब के कल्याण की जिम्मेदारी हमारी है। देश के किसानों को सम्पन्न करने की जिम्मेददारी हमारी है। देश का मजदूर अपना जीवन यापन सरलता से कर सके यह जिम्मे्दारी हमारी है। यह हम सबका दायित्व है कि इन जिम्मेदारियों को पूरा करें।

श्री शाह ने कहा कि भाजपा की स्थापना किसी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए नहीं हुई थी। यह पार्टी भारत माता को विश्वगुरु के स्थान पर बिठाने के लिए बनी थी। आज देश के लिए जीने की जिम्मेदारी है।

श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार मतों के पीछे न भागकर देश के दीर्घकालिक विकास और विश्व में भारत को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए काम कर रही है। ऐसे में देशभर के हमारे कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि हम इस बात के वाहक बनें। इस बात को लेकर लोगों के बीच में जाएं। हमारे विचार के विरोधी और मीडिया के कुछ लोग यदि भ्रांति फैलाते हैं तो जनता को सच बताने की जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी की है।

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के विकास के लिए बहुत अच्छे कार्यक्रम शुरु किए हैं। उन्हें भरोसा है कि श्री नरेन्द्रभाई मोदी के नेतृत्व में पार्टी जब दुबारा जनादेश प्राप्त करने जाएगी तो इससे भी अधिक सीटें लेकर आएगी।

श्री शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता केरियर ओरियंटेड सोच न रखे। पद की जगह पार्टी के विचार को मन में रखे। अपने आप की जगह देश और पार्टी का विचार करे। प्रसिद्धि और पद तो परिश्रम के पीछे-पीछे आती हैं। इसकी आकांक्षा करने की जरूरत नहीं है।

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार भारत का स्थान दुनिया में मजबूत स्थिति में पहुंचाने के लिए काम कर रही है। यह सरकार देश के किसान, मजदूर, गरीब और वंचितों के लिए अनेक कार्यक्रम लेकर आई है। देश की सुरक्षा, सुदृढ़ विदेश नीति और मजबूत आर्थिक विकास की नींव डालने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है। युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए भी यह पार्टी काम कर रही है। हमें सरकार और पार्टी के कार्यक्रमों को जनता के बीच में ले जाना चाहिए। सरकार जो काम कर रही है उसके पीछे रहें और सरकार के कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर प्रयास करें।

श्री शाह ने कहा कि भाजपा की सदस्य संख्या 9.5 करोड़ को पार कर गई है। सदस्यता अभियान के बाद पार्टी के दो महत्वंपूर्ण कार्यक्रम आने वाले हैं- संपर्क अभियान और प्रशिक्षण अभियान। हमारे कार्यकर्ताओं ने जितनी मेहनत से सदस्यता अभियान में काम किया है, उतनी मेहनत से संपर्क और प्रशिक्षण अभियानों में भी काम करने की जरूरत है।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री अमित शाह ने जनसंघ के स्थापना के प्रत्यक्षदर्शी एवं सहभागी रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता डाॅ. विजय कुमार मल्होत्रा का अभिनंदन भी किया।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री श्री एम वेंकैया नाएडू, केंद्रीय मंत्री श्री थावरचंद गहलौत और भाजपा के संगठन महासचिव श्री रामलाल सहित कई शीर्ष नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने किया।

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