Salient Points of Speech by Shri Amit Shah at Lonavala, Pune (Maharashtra)

भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष श्री अमित शाह के महाराष्‍ट्र के लोनावाला में चुनावी सभा में भाषण के मुख्‍य बिन्‍दु

भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष श्री अमित शाह ने रविवार को महाराष्‍ट्र के लोनावाला (पुणे) में एक जन सभा को संबोधित किया। श्री शाह ने इस अवसर पर कहा कि यह श्री छत्रपति की धरती है। इस धरती पर अनेक बार शिवाजी महाराज ने विचरण किया है। यही धरती है जिस धरती ने शिवाजी महाराज को ताकत दी। यही धरती है जिसने शिवाजी महाराज को स्‍वराज के लिए प्रेरित किया और बड़े बड़े युद्ध में विजय दिलाने के लिए यहां के ही रणबांकुरे शहीद हुए, सबसे पहले मैं इस धरती को मैं नमन करता हूं, प्रणाम करता हूं। यह महाराष्‍ट्र बाबा साहेब अंबेडकर की भूमि है, तीरथ महाराज की भूमि है, समर्थ रामदास की भूमि है, ज्‍योतिबाफुले की भूमि है। इस महाराष्‍ट्र से अनेक अनेक संत देशभर में भक्तिमार्ग को प्रशस्‍त करने में जीवन खपाए। यही महाराष्‍ट्र है जब देश में घनघोर अंधेरा छाया था तब यहां से लेकर अफगानिस्‍तान तक स्‍वराज का विचार गया। यही पावन धरती है, इसे बार-बार नमन करता हूं।

श्री शाह ने कहा, “अक्‍टूबर को महाराष्‍ट्र की जनता को तय करना है कि आने वाले पांच साल तक महाराष्‍ट्र में किसकी सरकार रहेगी। किस पार्टी की सरकार रहेगी। किस व्‍यक्ति की रहेगी। किस गठबंधन की सरकार रहेगी। मगर मैं महाराष्‍ट्र के चुनाव की बात करने से पहले सबसे पहले मैं महाराष्‍ट्र की जनता का हृदय से धन्‍यवाद करने आया हूं क्‍योंकि गत लोक सभा चुनाव में महाराष्‍ट्र की 48 में से 42 सीटें भाजपा की युति को देकर महाराष्‍ट्र ने भाजपा पर और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी पर भरोसा किया। और महाराष्‍ट्र की जनता के आाशीर्वाद के कारण ही आज देश में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है और नरेन्‍द्र भाई पूर्ण बहुमत की सरकार लेकर और साथ में एनडीए के साथियों को लेकर देश के विकास के कामों में लगे हैं।”

श्री शाह ने कहा, “करीब-करीब चार महीने हुए हैं, चार महीने में हमारे विपक्ष के साथी पूछने लगे हैं- भाई चार महीने में क्‍या हुआ, काम क्‍या हुआ ? मित्रो! वो लोग हिसाब मांग रहे हैं जो साठ साल से सत्‍ता कब्‍जाए हुए थे, हमारे तीन महीने का हिसाब मांग रहे हैं। मगर हमें हिसाब देने में संकोच नहीं है। कांग्रेस के साथी, राष्‍ट्रवादी (एनसीपी) के साथ अगर पूछना चाहते हैं तो मैं भी बताना चाहता हूं कि चार महीने में क्‍या-क्‍या हुआ। जब दुबारा आएंगे 2019 में तब पूरा हिसाब जनता के सामने रखेंगे। मगर जब आप पूछ ही रहे हो और चुनाव के मैदान में पूछ रहे हो तो मेरा फर्ज बनता है उसका जवाब देना।”

भाजपा अध्‍यक्ष ने कहा कि सबसे पहला काम इन चार महीने में यह हुआ है कि देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो बोल सके। दस साल से तो प्रधानमंत्री की आवाज ही सुनाई नहीं दी। हमने एक बोलता हुआ प्रधानमंत्री देने का काम किया है। जो कांग्रेस नहीं कर पाई।

श्री शाह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई ने शपथ ली तब आस-पास के सभी राष्‍ट्राध्यक्षों को निमंत्रण दिया। निमंत्रण हर बार जाते हैं, लेकिन इस बार फर्क यह था कि निमंत्रण को सातों राष्‍ट्राध्यक्षों ने स्‍वीकार किया और नरेन्‍द्रभाई के शपथ समारोह में उपस्थित रहकर देश का सम्‍मान किया। यह बदलाव भारतीय जनता पार्टी ने किया है। उस वक्‍त पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री भी आए, नरेन्‍द्र भाई ने उनको कहा कि हम सचिव स्‍तर की वार्ता एक बार फिर शुरु करें और पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री ने यह नयौता स्‍वीकार कर लिया। लेकिन जैसा कि पाकिस्‍तान हर बार करता है, इस बार भी उसने वही किया, जैसे ही चर्चा की तिथि नजदीक आई उन्‍होंने कश्‍मीर के अलगाववादियों से बात करना शुरु कर दिया। पाकिस्‍तान के उच्‍चायुक्‍त ने कश्‍मीर के अलगावादियों को बुलाकर बात करना शुरु कर दिया। हर बार ऐसा हुआ। पहले जब ऐसा होता था तो क्‍या होता था बात? ऐसा होते ही सचिवों की बैठक होती थी, सचिवों और मंत्रियों की मीटिंग होती थी। बाद में मंत्री और प्रधानमंत्री की बैठक होती थी। और बाद में कुछ नहीं होता था। इस बार देश में नरेन्‍द्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। आज एक घंटे में ही प्रधानमंत्री ने निर्णय कर लिया कि अगर कश्‍मीर के अलगाववादियों से बात करनी है तो भारत के साथ बातचीत नहीं हो सकती। कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग है। इसको खोकर कोई शांतिवार्ता नहीं हो सकती। पहली बार पाकिस्‍तान को करारा जवाब देने का काम इस देश के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने किया है। यह फर्क आया है।

भाजपा अध्‍यक्ष्‍ा ने कहा कि पहले भी सरहद पर गोलियां चलती थीं आज भी चतली हैं। मगर दोनों में एक अंतर है। पहले गोलीबारी की शुरुआत पाकिस्‍तान की ओर से होती थी और उसका अंत भी पाकिस्‍तान की ओर से होता था। भारतीय जनता पार्टी के शासन में गोलीबारी की शुरुआत तो पाकिस्‍तान करता है मगर गोलीबारी की समाप्ति भारत की फौज करती है। ईंट का जवाब पतथर से मिलता है। जिनको दिखाई नहीं पड़ता उन्‍हें मालूम नहीं पड़ता कि सरहद की सुरक्षा के मामले में क्‍या परिवर्तन आया है। विदेश नीति के मामले में क्‍या परिवर्तन आया है। देश का सम्‍मान कैसे दुनिया में बढ़ा है।

श्री शाह ने कहा कि जब एनडीए का शासन था, अटलजी प्रधानमंत्री थे, उसके बाद यूपीए की सरकार आई, उस समय हम देश की विकास दर 8.4 प्रतिशत पर सौंप कर गए थे। उसके बाद दस साल तक यूपीए का शासन रहा और आज जब अपनी बारी आई इस बार तो यूपीए सरकार 4.2 प्रतिशत विकास दर सौंप कर गई है। विकास दर को आधे से कम करने का काम इन कांग्रेस के लोगों ने किया है। इसी कांग्रेस और राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सरकार ने देश की विकास दर को नीचे कर दिया। लेकिन मोदी सरकार ने तीन महीने में ही 4.7 प्रतिशत विकास दर को 5.7 प्रतिशत तक पहुंचाने का काम किया है। देश में नया निवेश आया है, शेयर बाजार आगे बढ़ने लगा है, युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ी हैं। जिनको फर्क मालूम नहीं पड़ता, उनको मैं फर्क दिखाना चाहता हूं।

श्री शाह ने कहा कि पचास साल पहले देश के बैंकों का राष्‍ट्रीयकरण हुआ। राष्‍ट्रीयकृत बैंकें जब बनीं तो कहा गया था कि बैंकें अब गरीबों के लिए खोल दी गई हैं। मगर पचास साल बाद भी इस देश का दलित, इस पिछडे और गरीबों सहित 50 प्रतिशत लोगों के बैंक खाते ही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्रभाई ने जन धन योजना की शुरुआत की और एक ही महीने में पांच करोड़ लोगों के बैंक खाते खुलवाने का काम नरेन्‍द्र मोदी की सरकार ने किया है और साथ में एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी। एक जमाना था जब बैंक अधिकारी बैग लेकर उद्योगपति के घर पर खाता खुलवाने जाते थे, आज जमाना आ गया है कि गरीब के घर पर बैंक अधिकारी जाने लगे। इसलिए मैं कांग्रेस और राष्‍ट्रवादी (एनसीपी) के लोगों से कहना चाहता हूं कि यह बदलाव नहीं है तो क्‍या है।

भाजपा अध्‍यक्ष ने कहा कि पूरे देश में बेरोजगारी की समस्‍या, विशेषकर दलित और पिछड़े वर्ग में बहुत ज्‍यादा है। पढ़ाई लिखाई होने के बावजूद भी युवाओं के पास रोजगार नहीं है। इसका कारण देश में उत्‍पादन कम होना है। 100 करोड़ का यह देश, इतना बड़ा मार्केट, हमारी जरूरत की चीजें विदेश से आती हैं। बीते दस साल में कभी इन पार्टियों ने इस बात की चिंता नहीं की। प्रधानमंत्री ने तीन महीने में ‘मेक इन इंडिया’ योजना बनाई और दुनियाभर के लोगों को कहा कि भारत में माल बेचना है तो भारत में माल बनाना पड़ेगा। आप भारत में माल बनाएंगे तो मेरे युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह काम नरेन्‍द्र मोदी ने किया है।

मित्रो! महंगाई कम हुई है। पहलीबार दस साल में पेट्रोल के दाम 7 रुपये कम हुए हैं। डीजल के दाम में भी कटौती शुरु हुई है। खाने-पीने की चीजों के दाम में भी अक्‍टूबर माह में कमी आने की संभावना है।

श्री शाह ने कहा कि पहले देश के प्रधानमंत्री यूं हाथ रखकर देखते रहते थे कि अमेरिका क्‍या बोलता है, विश्‍व बैंक क्‍या बोलती है, आईएमएफ क्‍या बोलता है। और आज जमाना यह आ गया है कि अमेरिका का विदेश मंत्री यहां आकर कहता है कि सबका साथ, सबका विकास बहुत अच्‍छी बात है।

श्री शाह ने कांग्रेस और एनसीपी से सवाल किया कि दस साल में यूपीए ने क्‍या किया। यूपीए ने दस साल में टूजी घोटाला किया, हेलीकॉपटर की खरीदी का घोटाला किया, टेंक खरीद का घोटाला किया, आदर्श सोसाइटी का घोटाला किया। दस साल में यूपीए ने सीडब्‍लयूजी का घोटाला किया, दस साल में यूपीए ने कोयला खा जाने का काम किया, इसरो में घोटाला किया है, दस साल में यूपीए ने नये हवाई अड्डे बनाने में घोटाला किया। महंगाई बढ़ा दी, बेरोजगार बढ़ा दी, सरहद की सुरक्षा को बिल्‍कुल लाचार कर दिया, महिलाओं की सुरक्षा को लाचार कर दिया। दस साल में आपने यह किया। कांग्रेस और राष्‍ट्रवादी(एनसीपी) हमसे हिसाब न मांगे। हिसाब देने की बारी आपकी है। चुनाव आपका है। पंद्रह साल तक यहां पर राज आपने किया है।

श्री शाह ने कहा कि महाराष्‍ट्र एक जमाने में पूरे देश का नेृतत्‍व करता था देश में सबसे निवेश महाराष्‍ट्र में आता था। सबसे ज्‍यादा सिंचाई महाराष्‍ट्र में थी, देश में सबसे ज्‍यादा किसानों की आय महाराष्‍ट्र में थी, देश में सबसे अच्‍छी कापरेटिव मूवमेंट महाराष्‍ट्र में थी। देश में चीनी के कारखाने सबसे जयादा महाराष्‍ट्र में थे। लेकिन इन पंद्रह वर्षों में आपने महाराष्‍ट्र का क्‍या हाल कर दिया। सुगर कारखाने बंद पड़े हैं, कॉपरेटिव बैंक बंद पड़े हैं, इरीगेशन के अंदर घोटाले कर रख दिए, किसान आत्‍महत्‍या करने को मजबूर हैं। महाराष्‍ट्र विकास में काफी पिछड़ गया। बेरोजगारी की कोई चिंता नहीं है।

श्री शाह ने कहा कि राकांपा और कांग्रेस के लेागों से वह पूछना चाहते हैं कि हर साल 3,700 किसान आत्‍महत्‍या करते हैं आप बताइये किसकी किसकी जिम्‍मेदारी है, राकांपा और कांग्रेस की जिम्‍मेदारी है कि नहीं ?

भाजपा अध्‍यक्ष ने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस ने 100 से अधिक घोटाले किए और पैसा कांग्रेसी तथा एनसीपी के नेता खा गए, उन्‍हें डकार भी नहीं आई। इन पार्टियों ने 11 लाख 88 हजार करोड़ रुपये का गवन किया। महाराष्‍ट्र का सालाना बजट दो लाख करोड़ का है। इस तरह 11 लाख 88 हजार करोड़ रुपये की धनराशि में से महाराष्‍ट्र में सड़कें, शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य सब होता।

उन्‍होंने लोगों से कहा कि इस बार जब आप से कांग्रेस और रांकांपा के नेता मत मांगने आएं तो उनसे पूछिए कि पांच बार मुख्यमंत्री क्‍यों बदलने पड़े, उपमुख्‍यमंत्री क्‍यों बदलने पड़े। जवाब अपने आप मिल जाएगा।

श्री शाह ने कहा कि मुख्‍यमंत्री पृथ्‍वीराज च्‍वहाण आजकल एक विज्ञापन पर दस्‍तखत कर रहे हैं- मुख्‍यमंत्री पृथ्‍वीराज च्‍वहाण। पृथ्‍वीराजजी पांच साल तक फाइलों पर साइन कर विकास करना था, वो तो किया नहीं विज्ञापन पर हस्‍ताक्षर करके क्‍या करेंगे जब जाने का समय आ गया।

उन्‍होंने कहा कि राकांपा और कांग्रेस का घमंड इतना चढ़ गया है। यहां पर पानी की मांग को लेकर किसान आंदोलन कर रहे थे। रांकापा और कांग्रेस के इशारे पर पुलिस ने किसानों पर गोलीबारी की थी। हमारे किसान भाइयों की हत्‍या हुई थी। मुझे मालूम है जांच ठीक से नहीं हुई। आप लोग तैयार रहिये, इस बार भाजपा युति की सरकार आने वाली है। जैसे ही भाजपा की सरकार आएगी इसकी जांच फिर से होगी। कोई भी दोषी होगा उसको सजा दिलाने का काम हम करेंगे।

श्री शाह ने कहा कि शरद पवार अब कह रहे हैं कि शिवाजी महाराज का सम्‍मान करना है। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि 15 साल से आपकी सरकार है। 2008 से शिवाजी स्‍मारक बनाने की बात कही थी। याद है या भूल गए हैं। याद है 2008 में इन्‍होंने यह बात कही थी। आज तक एक पत्‍थर तक नहीं रखा शिवाजी महाराज का स्‍मारक बनाने के लिए। आपको शिवाजी महाराज का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है। 2008 से आज तक राकांपा और कांग्रेस ने न बजट में एक पैसा दिया और न एक पैसा खर्च किया और न पत्‍थर रखा।

उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र की जनता एक बार राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांगेस के सामने डिमांड करे कि आपके नेताओं की सिर्फ संपत्ति घोषित कर दीजिए और कुछ करने की जरूरत नहीं है। जनता अपने आप समझ जाएगी कि विकास का पैसा कहां गया है।

श्री शाह ने कहा कि महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री पृथ्‍वीराज च्‍वहाण कहते हैं कि वह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में नहीं जाएंगे। वह कहते हैं कि मेरी हूंटिंग होगी। पृथ्‍वीराज भाई आपने जिस तरह शासन किया है उसमें हूटिंग के अलावा कुछ और हो ही नहीं सकता। दस साल, पंद्रह साल तक इतना भ्रष्‍टाचारी शासन करने के बाद आपके भाषण में ताली बजाने की व्‍यवस्‍था क्‍या भारतीय जनता पार्टी करे। यह तो महाराष्‍ट्र की जनता को ताली बजानी होगी। कोई पार्टी ताली नहीं बजा सकती। महाराष्‍ट्र को ऐसा मुख्‍यमंत्री चाहिए जो कंधा से कंधा मिलाकर महाराष्‍ट्र को विकास की राह पर ले जाए।


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