Salient Points of Speech in Public Meetings at Dighwara, Paro, Hathwa, Vijaipur and Barauli, Bihar

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा बिहार के दिघवारा (सोनपुर), पारो (मुजफ्फरपुर), हथवा (अररिया), विजयपुर (भोरे) और बरौली (गोपालगंज) की रैली में दिए गए संबोधन के मुख्य अंश

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के रास्ते पर चल पड़ा है, अब बिहार की बारी है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी, श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को विकास देना चाहती है: अमित शाह
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महागठबंधन बिहार चुनाव को अगड़ी जाति और पिछड़ी जाति के बीच राजनीति की दीवार खड़ी कर समाज को बांटने पर तुला हुआ है जबकि हम पिछड़े बिहार को अगड़ा बिहार बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं: अमित शाह
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भारतवर्ष में श्रवण कुमार जैसे पितृभक्त हुए जिन्होंने अपने बूढ़े माँ-बाप को अपने कंधे पर बिठाकर तीर्थाटन करवाया जबकि श्रीमान लालू जी अपने बेटों को कंधे पर बिठाकर राज्य की सैर करवाने चले हैं: अमित शाह
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नीतीश कुमार एक तरफ तो कुर्सी की खातिर लालू के साथ चुनावी गठबंधन करते हैं, वहीं दूसरी तरफ लालू मुर्दाबाद के नारे में साथ देते हैं, मुझे तो समझ में ही नहीं आता कि नीतीश कुमार लालू यादव के साथ हैं या लालू के खिलाफ: अमित शाह
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नीतीश कुमार बिहार में विकास नहीं, जंगलराज-2 लाना चाहते हैं: अमित शाह
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राज्य में नीतीश-लालू का गठबंधन होने से सबसे ज्यादा खुशी शहाबुद्दीन जैसे अपराधी लोगों को हो रही है और राज्य में अपराध का ग्राफ फिर से तेजी से बढ़ने लगा है: अमित शाह
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बिहार की जनता को बिजली, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए, आतंक का राज नहीं: अमित शाह
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भाजपा ने तो देश को सबसे ज्यादा पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री दिया है और चुनाव पूर्व ही घोषणा करके डंके की चोट पर एक पिछड़े समाज के बेटे को, एक चाय बेचने वाले को देश के प्रधानमंत्री के पद पर बैठाया है: अमित शाह
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लालू-नीतीश की जोड़ी अगर गलती से भी राज्य में सत्ता में आते हैं तो बिहार के विकास के लिए दिया गया यह विशेष पैकेज गरीबों, पिछड़ों और दलितों तक कभी भी पहुँच नहीं पायेगा: अमित शाह
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हर रोज प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने से बिहार का विकास नहीं हो सकता: अमित शाह
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बिहार का दलित-महादलित एवं पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग लालू यादव के 15 साल के जंगलराज में अपने ऊपर हुए अत्याचारों को भूला नहीं है: अमित शाह
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भाजपा शुरू से ही मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समर्थक रही है और इसमें वह किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं होने देगी: अमित शाह
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पिछले 25 वर्षों में नीतीश - लालू की जोड़ी ने राज्य में विकास को हाशिये पर धकेल दिया है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को बिहार के दिघवारा (सोनपुर), पारो (मुजफ्फरपुर), हथवा (अररिया), विजयपुर (भोरे) और बरौली (गोपालगंज) की विशाल चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया और इस बार के बिहार विधान सभा चुनाव में जनता से राज्य में दो तिहाई की बहुमत से भाजपा की अगुआई में राजग सरकार बनाने की अपील की। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पूरे बिहार की तरुणाई की में मैंने आँखों में परिवर्तन की लहर देखी है और राज्य की मौजूदा शासन व्यवस्था के प्रति आक्रोश देखा है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में नीतीश - लालू की जोड़ी ने राज्य में विकास को हाशिये पर धकेल दिया है। उन्होंने लालू और नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि इन 25 वर्षों में देश के कई राज्य विकास के क्षेत्र में कहीं आगे बढ़ गए हैं जबकि बिहार विकास के इस दौर में पिछड़ता चला जा रहा है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन बिहार चुनाव को अगड़ी जाति और पिछड़ी जाति के बीच राजनीति की दीवार खड़ी कर समाज को बांटने पर तुला हुआ है जबकि हम पिछड़े बिहार को अगड़ा बिहार बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश-लालू की जोड़ी बिहार को अगड़ा राज्य नहीं बनने देना चाहती, ऐसा केवल भाजपा ही कर सकती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा विकास की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित प्रदेशों में हमने विकास करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि जहाँ-जहाँ भी भाजपा की सकारें हैं, वहां विकास काफी तीव्र गति से हुआ है चाहे वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सड़क बनाने का मामला हो या बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित करने की बात हो, कृषि विकास की बात हो, राज्यों में उद्योग-कारखानों की स्थापना करने की बात हो या फिर रोजगार सृजन की बात हो, हमने हरेक क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित किये हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बिहार की जनता लालू यादव के 15 साल के जंगलराज को अभी तक भूली नहीं है, दलित-महादलित एवं पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग अपने ऊपर हुए अत्याचारों को भूला नहीं है, उसपर भी जब नीतीश कुमार के एक कंधे पर जंगलराज के द्योतक लालू यादव हों और दूसरे कंधे पर 12 लाख करोड़ रुपये का घपला करनेवाली कांग्रेस हो तो वह लालू यादव के साथ रहकर बिहार को विकास के रास्ते पर कैसे ले जा सकते हैं। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि नीतीश कुमार बिहार में विकास नहीं, जंगलराज-2 लाना चाहते हैं, आपको उनसे सचेत रहना है और उनको राज्य में फिर से लाने की गलती नहीं दोहरानी है। दलितों के कल्याण के मुद्दे पर नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आप किस मुँह से दलितों-महादलितों के विकास की बात करते हो, आपने तो महादलित को पद्दलित करने का काम किया है जबकि भाजपा ने तो देश को सबसे ज्यादा पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री दिया है और चुनाव पूर्व ही घोषणा करके डंके की चोट पर एक पिछड़े समाज के बेटे को, एक चाय बेचने वाले को देश के प्रधानमंत्री के पद पर बैठाया है।

श्री शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी, श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को विकास देना चाहती है और इसलिए प्रधानमंत्री बनने के 15 महीने के भीतर ही उन्होंने बिहार की समस्याओं को रेखांकित करके उसके समुचित समाधान के लिए योजनाएं बनायी और उन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 1.65 लाख करोड़ रुपये के बजट का निर्धारण किया, यह सिद्ध करता है कि भाजपा और श्री नरेन्द्र भाई मोदी बिहार के विकास को लेकर कितनी गंभीर है। श्री शाह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि आपने 60 सालों तक लगातार कांग्रेस, लालू और नीतीश को मौक़ा दिया, एक मौक़ा भाजपा को दीजिये, हम वादा करते हैं कि हम बिहार को देश का उत्तम प्रदेश बनाकर इसे देश का सबसे अगड़ा राज्य बनायेंगें।

उन्होंने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि नीतीश जी का अहंकार देखिये, बिहार के विकास के लिए दिए गए पैकेज पर भी वह राजनीति करने से नहीं चूकते हैं, कहते हैं, हमें पैसे नहीं चाहिए, बिहार अपने पैरों पर अपने-आप खड़ा हो जाएगा, हमें किसी के मदद की कोई जरूरत नहीं है, अरे नीतीश बाबू, यह बजट नीतीश-लालू एंड कंपनी के लिए नहीं है, यह बिहार के गरीबों, युवाओं और किसानों के लिए है, आप कौन होते हैं इससे इनकार करने वाले। उन्होंने जनता को सचेत करते हुए कहा कि यदि ये लोग गलती से भी राज्य में सत्ता में आते हैं तो बिहार के विकास के लिए दिया गया यह विशेष पैकेज गरीबों, पिछड़ों और दलितों तक कभी भी पहुँच नहीं पायेगा।

भाजपा अध्यक्ष ने बिहार में विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य में ऐसी सरकार चाहिए जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों को मजबूत करे, राज्य के विकास के लिए बनाई गई योजनाओं को सही तरीके से लागू कर सके और केंद्र से कंधे-से-कंधा मिलाकर राज्य में गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए काम कर सके। उन्होंने लालू-नीतीश की जोड़ी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हर रोज प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने से बिहार का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राज्य में नीतीश-लालू का गठबंधन होने से सबसे ज्यादा खुशी शहाबुद्दीन जैसे अपराधी लोगों को हो रही है और राज्य में अपराध का ग्राफ फिर से तेजी से बढ़ने लगा है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को बिजली, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए, आतंक का राज नहीं।

लालू यादव पर निशाना साधते हुए श्री शाह ने कहा कि भारतवर्ष में श्रवण कुमार जैसे पितृभक्त हुए जिन्होंने अपने बूढ़े माँ-बाप को अपने कंधे पर बिठाकर तीर्थाटन करवाया जबकि श्रीमान लालू जी अपने बेटों को कंधे पर बिठाकर राज्य की सैर करवाने चले हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश-लालू की जोड़ी लगातार इस चुनाव में झूठ का सहारा लेकर मतदाताओं में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर जनता को गुमराह करने की कोशिशें की जा रही है। आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा के दृढ़ निश्चय को फिर से दोहराते हुए श्री शाह ने कहा कि भाजपा शुरू से ही मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समर्थक रही है और इसमें वह किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं होने देगी।

श्री शाह ने कहा कि पिछले विधान सभा चुनावों में बिहार की जनता ने लालू यादव के जंगलराज के खिलाफ भाजपा और जनता दल (यू) के गठबंधन के पक्ष में जनादेश दिया था, लेकिन स्वयं की स्वार्थ-सिद्धि के लिए कुर्सी छिनते देखते ही राज्य की जनता के जनादेश का अपमान कर नीतीश कुमार, लालू यादव की गोद में जा बैठे। उन्होंने नीतीश कुमार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि लगातार 20 वर्षों तक पूरे राज्य में जिस लालू के जंगलराज के खिलाफ जहर उगलते आप थकते नहीं थे, आज आपने केवल कुर्सी की खातिर बिहार के लोगों की भलाई को दाव पर लगा दिया, ये कौन सा विकास है, नीतीश जी, आप कुछ तो शर्म करो। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के बड़े भाई, श्रीमान लालू जी हमेशा राज्य के विकास की बजाय अंट-शंट बोलते रहते हैं, कभी काला कौआ काटने की बात करते हैं, कभी काला कबूतर काटने की बात करते हैं, कभी लाल सिन्दूर लगाने की बात करते हैं, कभी मिर्च का धुआं उड़ाने की बात करते हैं तो तो कभी गर्म पानी की बात करते हैं, क्या ऐसी बातें करने से राज्य में रोजगार का सृजन होगा, उद्योग और कारखाने लगेंगें, गरीबों और पिछड़ों का कल्याण हो सकेगा?

श्री नीतीश कुमार के तंत्र-प्रेम पर कटाक्ष करते हुए श्री शाह ने कहा कि नीतीश कुमार एक तरफ तो कुर्सी की खातिर लालू के साथ चुनावी गठबंधन करते हैं, वहीं दूसरी तरफ लालू मुर्दाबाद के नारे में साथ देते हैं, मुझे तो समझ में ही नहीं आता कि नीतीश कुमार लालू यादव के साथ हैं या लालू के खिलाफ?

भाजपा अध्यक्ष श्री अमित शाह ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के रास्ते पर चल पड़ा है, अब बिहार की बारी है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि राज्य में खुशहाली के लिए, दलितों, पिछड़ों एवं गरीबों के कल्याण के लिए, राज्य में बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए तथा साथ ही राज्य को देश का सबसे अगड़ा राज्य बनाने के लिए भाजपा की अगुआई में बिहार में राजग की दो-तिहाई बहुमत की सरकार बनाने का संकल्प लीजिये और देश के विकास में अपना हाथ बँटाईये।


(इंजी अरुण कुमार जैन)
कार्यालय सचिव

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