Salient Points of Speech in Public Rally at Nokha, Arwal and Navinagar and Intellectuals meet at Patna, Bihar

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा बिहार के नोखा, अरवल और नवीनगर की रैली और पटना में आयोजित बुद्धिजीवी वर्ग के सम्मलेन में दिए गए संबोधन के मुख्य अंश

श्री नीतीश कुमार को अपने मंत्री परिषद के रिश्वत कांड के अन्य पाँच आरोपी मंत्रियों के नामों का खुलासा करना चाहिए: अमित शाह
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महास्वार्थबंधन के नेताओं को अपने भ्रष्टाचार पर शर्म भी नहीं आती: अमित शाह
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श्री नरेन्द्र मोदी जी के अगुआई में बिहार में दो-तिहाई बहुमत से भाजपा-नीत राजग सरकार का बनना तय है: अमित शाह
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श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी ने सुरक्षा, संस्कृति और संपर्क के आधार पर देश की विदेश नीति को एक नया आयाम दिया है: अमित शाह
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श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता गरीबों, दलितों और पिछड़ों का कल्याण और उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करना है: अमित शाह
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सब साथ में आगे बढ़ें, तभी सच्चे अर्थों में देश का विकास संभव है: अमित शाह
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श्री नीतीश कुमार को पता होना चाहिए कि बिहार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया विशेष पैकेज उनके और लालू जी के लिए नहीं, बिहार के विकास के लिए है: अमित शाह
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विश्व को ज्ञान, विज्ञान, अध्यात्म और दर्शन का उपदेश देनेवाला बिहार, मेधावी एवं प्रतिभावान युवा-शक्ति के बावजूद आज विकास से कोसों दूर है: अमित शाह
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बिहार की जनता राजग को विजयी बनाने के लिए ऐसे बटन दबाए कि उसकी धमक इटली तक गूंजे: अमित शाह
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श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और दुनिया में भारतवर्ष का मान-सम्मान बढ़ा है: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी की सरकारों का विकास का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है: अमित शाह
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श्री लालू जी और नीतीश जी बिहार की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं: अमित शाह
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भाजपा शुरू से ही आरक्षण की पक्षधर है और इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है: अमित शाह
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बिहार में कोई बिहारवासी ही मुख्यमंत्री पद को सुशोभित कर राज्य की सेवा करेगा, लेकिन वह भाजपा से होगा: अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को बिहार के नोखा, अरवल और नवीनगर की रैली को सम्बोधित किया और इस बार के बिहार विधान सभा चुनाव में जनता से राज्य में दो तिहाई की बहुमत से भाजपा की अगुआई में राजग सरकार बनाने की अपील की। बाद में उन्होंने पटना के विद्यापति भवन में बुद्धिजीवी वर्ग के एक सम्मलेन को भी संबोधित किया। श्री शाह ने कहा कि बिहार की जनता के मन में कोई दुविधा नहीं है, इस बार बिहार में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने जा रहा है और श्री नरेन्द्र मोदी जी के अगुआई में बिहार में दो-तिहाई बहुमत से भाजपा-नीत राजग सरकार का बनना तय है।

अवधेश कुशवाहा के रिश्वत कांड के स्टिंग पर श्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए श्री शाह ने कहा कि महास्वार्थबंधन के नेताओं को अपने भ्रष्टाचार पर शर्म भी नहीं आती। उन्होंने श्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने मंत्री परिषद के रिश्वत कांड के अन्य पाँच आरोपी मंत्रियों के नामों का खुलासा करना चाहिए। बिहार की वर्तमान सरकार को जंगलराज और भ्रष्टाचार की सरकार बताते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब तक भाजपा वर्तमान सरकार के साथ थी, तब तक श्री नीतीश कुमार के साथियों में भ्रष्टाचार करने की हिम्मत नहीं थी लेकिन श्री लालू यादव से गठबंधन होने के साथ ही बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध का वही खेल फिर से शुरू हो गया है। श्री नीतीश कुमार पर करारा प्रहार करते हुए श्री शाह ने कहा कि जिसके एक कंधे पर जंगलराज के प्रतीक लालू जी हों और दूसरे कंधे पर 12 लाख करोड़ रुपये का घपला करनेवाली कांग्रेस हो तो वह राज्य में विकास कैसे ला सकती है?

श्री शाह ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए 25 साल का वक्त पर्याप्त होता है लेकिन बिहार में अभी तक गाँवों में बिजली, सड़कें, शुद्ध पीने का पानी, अस्पताल, स्कूल जैसी बुनियादी सेवायें भी ठीक से नहीं पहुँच सकी है, उद्योग धंधे नहीं है, रोजगार का अभाव है, तकनीकी शिक्षा के साधन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बिहार पर माँ गंगा का आशीर्वाद है, बिहार की भूमि उर्वरा है, यहां मेहनतकश किसान है, युवा श्रम-शक्ति है जो बिहार को समृद्ध कर विश्व से स्पर्धा करने की ताकत रखता है लेकिन बिहार की महास्वार्थबंधन के घटक दलों की राज्य सरकारों ने बिहार को तबाह करके रख दिया है।

श्री शाह ने श्री लालू यादव पर तंज करते हुए कहा कि बिहार की जनता लालू जी के 15 साल के जंगलराज को याद कर आज भी सिहर उठती है। उन्होंने कहा कि लालू जी के जंगलराज के दौरान दलितों और पिछड़ों पर सबसे ज्यादा अत्याचार किया गया लेकिन राज्य की जनता इस बार उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि महास्वार्थबंधन के नेताओं के पास श्री नरेन्द्र भाई मोदी को कोसने के अलावे कोई काम नहीं रह गया है जबकि भाजपा की अगुआई में राजग गरीबों, दलितों, शोषितों और वंचितों के विकास की बात करती है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लालू जी राज्य के विकास की बात करने के बजाय उलूल-जुलूल बोलते रहते हैं, वह बिहार के गरीब, दलित, महादलित और पिछड़े वर्ग के कल्याण की बात क्यों नहीं करते, वह राज्य में बिजली की स्थिति पर बात क्यों नहीं करते, सड़कों पर बात क्यों नहीं करते, स्कूलों और कॉलेजों की बात क्यों नहीं करते, अस्पतालों और चिकित्सकों की बात क्यों नहीं करते, वह प्रदेश के विकास और रोजगार की बात क्यों नहीं करते?

भाजपा अध्यक्ष श्री शाह ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जनता से अपील की कि वह राजग को विजयी बनाने के लिए ऐसे बटन दबाए कि उसकी धमक इटली तक गूंजे।

श्री शाह ने कहा कि बिहार को श्री लालू प्रसाद यादव के जंगलराज से मुक्ति दिलाने के लिए ही राज्य की जनता ने उन्हें भाजपा के साथ अपना जनादेश दिया था और भाजपा ने राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए उन्हें राज्य के सत्ता की बागडोर सौंपी थी, लेकिन 20 वर्षों तक लगातार लालू जी के जंगलराज के विरोध की राजनीति करनेवाले श्री नीतीश कुमार ने आज फिर केवल सत्ता-सुख के उद्देश्य से श्री लालू जी के जंगलराज के साथ समझौता कर बिहार के विकास को दाव पर लगा दिया। उन्होंने कहा कि आखिर बिहार की जनता उनपर विकास का विशवास कैसे करे? श्री शाह ने कहा कि बिहार का विकास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एक समय था जब कश्मीर से कन्याकुमारी तक और असम से गुजरात तक, पूरे भारतवर्ष पर बिहार का शासन हुआ करता था, बिहार का गौरवशाली अतीत देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है, दुनिया भर से छात्र और विद्वान नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय आकर विभिन्न विषयों में यहां विशिष्ट शिक्षा प्राप्त करते थे, आजादी के बाद भी यह प्रदेश लोकनायक जयप्रकाश नारायण, डॉ राजेंद्र प्रसाद, बाबू जगजीवन राम, जननायक कर्पूरी ठाकुर इत्यादि महान नेताओं की कर्मभूमि रही है, लेकिन आज बिहार की दुर्दशा देखकर मुझे अपार कष्ट का अनुभव होता है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि विकास की दृष्टि से देश के पूर्वी क्षेत्र को पश्चिमी क्षेत्र के समकक्ष करना पड़ेगा, तभी भारत का सर्वांगीण विकास का सपना सच हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसलिए प्रधानमंत्री बनते ही श्री नरेन्द्र भाई मोदी ने बिहार के विकास लिए योजनाओं और उंसके क्रियान्वयन की रूप-रेखा तैयार करने पर खासा ध्यान केंद्रित किया और 15 महीने के अंदर ही बिहार के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये का विशेष पैकेज और राज्य में पहले से चल रही योजनाओं के लिए 40 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि के साथ कुल 1.65 लाख करोड़ रुपये की राशि का आवंटन कर दिया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “श्री नीतीश कुमार को पता होना चाहिए कि बिहार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिया गया विशेष पैकेज उनके और लालू जी के लिए नहीं, बिहार के विकास के लिए है। उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार को कोई अधिकार नहीं है कि वह बिहार की जनता को उनके विकास से महरूम रखे। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि लालू जी और श्री नीतीश कुमार की जोड़ी श्री नरेन्द्र भाई मोदी को बिहार के विकास के लिए कतई काम नहीं करने देगी।”

श्री शाह ने कहा कि राज्य में एक ऐसी सरकार चाहिए जो केंद्र से कंधे-से-कंधा मिलाकर विकास के पथ पर आगे बढ़े, बिहार के गाँवों का विकास कर सके, जो राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित कर सके, युवाओं के लिए राज्य में रोजगारों का निर्माण कर सके और विकास में पिछड़ गए गरीबों, दलितों, पिछड़ों, शोषितों और वंचितों के उत्कर्ष के लिए काम कर सके और ऐसा केवल प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा की अगुआई वाली राजग सरकार ही कर सकती है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस विश्वास के पीछे भारतीय जनता पार्टी की सरकारों का विकास का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने कहा कि देश में जिस किसी भी राज्य में हमारी सरकारें हैं, हमने वहां विकास के नए आयाम स्थापित किये हैं। उन्होंने हाल ही में वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बिहार राज्यों में उद्योग करने की सुविधा की दृष्टि से देश में काफी पीछे है जबकि पिछले एक साल में ही उसके साथ वाले भाजपा शाषित राज्यों ने इस दिशा में काफी अच्छी प्रगति करी है। उन्होंने कहा कि श्री नीतीश कुमार और लालू जी को बिहार की जनता को यह हिसाब देना चाहिए कि उन्होंने श्री मोदी जी के पहले के 10 वर्षों में केंद्र की तात्कालीन कांग्रेस सरकार से बिहार के विकास के लिए कितनी राशि ली? उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि महास्वार्थबंधन के तीनों घटक दलों के नेताओं को अपने शासनकाल के काले कारनामों का हिसाब राज्य की जनता के समक्ष देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये लोग जनता के सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं क्योंकि उन्होंने बिहार और बिहार की जनता के लिए कुछ किया ही नहीं है। श्री शाह ने कहा कि श्री लालू जी और नीतीश जी बिहार की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लालू यादव और श्री नीतीश कुमार पर विकास के बजाय चुनाव को जातिवाद की दिशा में मोड़ने का भी आरोप लगाया।

श्री शाह ने महागठबंधन द्वारा आरक्षण पर भ्रामक प्रचार का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा शुरू से ही आरक्षण की पक्षधर है और इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है।

श्री शाह ने नेतृत्व के सवाल पर फिर कहा कि बिहार भाजपा के पास ऐसे कई सारे कर्मठ एवं ऊर्जावान नेतृत्व की श्रृंखला है जो बिहार को विकास की एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कृतसंकल्प हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में कोई बिहारवासी ही मुख्यमंत्री पद को सुशोभित कर राज्य की सेवा करेगा, लेकिन वह भाजपा से होगा।

श्री शाह ने श्री नीतीश कुमार और श्री लालू यादव की जोड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकशाश नारायण, डॉ राम मनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर की उंगली पकड़ कर गैर-कांग्रेसवाद की राजनीति करनेवाले लोगों ने अपने आदर्शों के सिद्धांतों को ही तिलांजली दे दी और केवल राज्य की सत्ता प्राप्ति के उद्देश्य से कांग्रेस तक से हाथ मिला लिया। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार की जनता उन्हें माफ़ नहीं करेगी।

श्री शाह ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पछले लोक सभा चुनावों में जो-जो वादे किये थे, हमारी केंद्र सरकार ने सभी वादों को पूरा करने का काम किया है। उन्होंने कहा कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हैं, दुनिया में भारतवर्ष का मान-सम्मान बढ़ा है और गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं शुरू की गई हैं, चाहे 1 साल में ही 15 करोड़ परिवारों का प्रधानमंत्री जन-धन सुरक्षा योजना के तहत बैंक खाता खोलना हो या 12 रुपये सालाना में जीवन सुरक्षा योजना हो या 330 रुपये सालाना में जीवन बीमा हो या छोटे मोटे रोजगार के लिए मुद्रा बैंक योजना के तहत बिना गारंटी के आसान ऋण उपलब्ध कराने की बात हो, हमारी सारी योजनाएं गरीबों के कल्याण के लिए ही समर्पित हैं और श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता गरीबों, दलितों और पिछड़ों का कल्याण और उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करना है।

श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व पटल पर भारतवर्ष का मान-सम्मान और उसकी प्रतिष्ठा को गौरवान्वित करने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी ने सुरक्षा, संस्कृति और संपर्क के आधार पर देश की विदेश नीति को एक नया आयाम दिया है और इसी का परिणाम है कि आज भारत विश्व के विकसित देशों के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर सम्पूर्ण विश्व के नवनिर्माण में अपनी महती भूमिका निभा रहा है।

श्री शाह ने कहा कि आज देश के दुश्मनों को उसी की भाषा में माकूल जवाब दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज देश की सेना का सीना गर्व और आत्म-सम्मान से ऊंचा है और दुश्मनों की गोलियों का जवाब गोले से दिया जा रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने कहा कि अगर बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार और जंगलराज से मुक्ति चाहिए, रोजगार एवं निवेश चाहिए, तकनीकी शिक्षा चाहिए, गरीबों और पिछड़ों की स्थिति में सुधार चाहिए तो बिहार की जनता को एकमत से फैसला करके राज्य में दो-तिहाई की पूर्ण बहुमत से भाजपा-नीत सरकार बनानी होगी।

बाद में पटना के विद्यापति भवन में बुद्धिजीवी वर्ग के एक सम्मलेन में भाजपा अध्यक्ष ने एक यक्ष प्रश्न उठाते हुए कहा कि आखिर क्या कारण है कि सदियों तक विश्व शिक्षा का सबसे महत्त्वपूर्ण केंद्र रहनेवाला बिहार, विश्व को सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान का दान देनेवाला बिहार, विश्व का सबसे शक्तिशाली, समृद्ध और लोक-कल्याणकारी राज्य होने का गौरव प्राप्त करने वाला बिहार, विश्व को लोकतंत्र की शिक्षा देनेवाला बिहार, आज अपने ही विकास को तरस गया है। श्री शाह ने कहा कि यह कैसी विडम्बना है कि बिहार में पानी की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता और उर्वरक भूमि के बावजूद राज्य की प्रति हेक्टेयर पैदावार काफी कम है, क्यों बिहार के प्राकृतिक संशाधनों का सदुपयोग बिहार की भलाई में अब तक नहीं हुआ और बिहार देश में ही विकास के क्षेत्र में हाशिये पर चला गया।

श्री शाह ने बिहार की वर्तमान स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि विश्व को ज्ञान, विज्ञान, अध्यात्म और दर्शन का उपदेश देनेवाला बिहार, राज्य में मेधावी और प्रतिभावान युवा-शक्ति के बावजूद आज विकास से कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास एक अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण मुद्दा है, लेकिन इससे भी बड़ा प्रश्न यह है कि बिहार के गौरवशाली अतीत और महान परम्परा को राज्य में पुनर्स्थापित कैसे किया जाये।

उन्होंने बुद्धिजीवियों से कहा कि सब साथ में आगे बढ़ें, सब का साथ में विकास हो, राज्य में नालंदा और तक्षशिला की वैभवशाली शिक्षा व्यवस्था को फिर से स्थापित करने का यथोचित प्रयास किया जाए, राज्य की प्राकृतिक सम्पदाओं का सदुपयोग हो, विकास के लिए नवीन और ईमानदार पहल और उनका कार्यान्वयन हो, तभी सच्चे अर्थों में बिहार के गौरव को वापस लौटाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बिहार में और इसके गौरवशाली अतीत की पुनर्स्थापना के लिए दृढ़संकल्पित हैं.

(इंजी. अरुण कुमार जैन)
कार्यालय सचिव

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