Speech: Salient Points by Shri Amit Shah at Dhurva, Ranchi, Jharkhand

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह द्वारा रांची में दिए गए भाषण के मुख्य बिंदु

आज की इस सभा में, जिस प्रकार कार्यकत्र्ताओं का समागम हमारे सामने उपस्थित है, उससे लग रहा है कि आने वाले दिनों में झारखंड में दो-तिहाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनना निश्चित है।

आज किसी भी पार्टी में इतना माद्दा नहीं है कि इतनी बड़ी जनसभा कर ले और इतने कार्यकत्र्ताओं को जुटा ले।

चुनाव के बाद पहली बार मैं भगवान बिरसा मुंडा की इस पवित्र धरती पर आया हूं। सबसे पहले झारखंड की जनता और भाजपा के लाखों-लाख कार्यकत्र्ताओं का अभिनंदन करना चाहता हूं जिन्होंने 14 में से 12 भाजपा उम्मीदवारों को लोकसभा चुनाव में विजयी बनाया और देश में एक मजबूत सरकार की नींव डाली।

देश में बहुत जरूरत थी इस बार स्पष्ट बहुमत की सरकार बने, भाजपा की सरकार बने, राष्ट्रभक्तों की सरकार बने। और झारखंड की जनता ने इस काम को बखूबी निभाया।

बहुत अर्से बाद देश को एक बोलने वाला प्रधानमंत्री मिला है जो जनता के दुखों को सुनता है और उस पर मनन करता है।

15 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी जी ने लाल किले के प्राचीर से देश को संबोंिधत किया था। लाल किले के प्राचीर से पहले भी कई प्रधानमंत्री देश की जनता को संबोधित करते आए हैं। लेकिन इस बार जब नरेंद्र भाई देश की जनता के प्रतिनिधि के रूप में सामने बिना बुलेट प्रुफ शीशे का भाषण दिया तो सारे देश के लोगों को लगा कि देश को अब एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जिसमें इतनी हिम्मत है कि वह जनता को सीधे संबोधित कर सकता है।

100 दिनों के अंदर हर क्षेत्र में ठोस शुरूआत हुई है फिर चाहे वह आर्थिक मोर्चा हो, विदेश नीति का मामला हो अथवा देश की सुरक्षा का मामला हो।

हमने सरकार गठन के दौरान शार्क देशों के सभी प्रमुखों को बुलाया। जब पडोसी देशों के मुखिया मोदी जी के शपथ ग्रहण समारोह में आए तो उन्हें भी महसूस हुआ कि भारत को एक मजबूत प्रधानमंत्री मिला है।

शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के भी प्रधानमंत्री आए। आप जानते हैं कि भारत व पाक के मध्य कई प्रश्नचिन्ह खड़े हैं। हम इसका समाधान चाहते हैं। हमने सचिव स्तर की वार्ता रखी। लेकिन वार्ता से पहले पाक की सरकार ने जैसे ही कश्मीर अलगाववादियों से बात की तो प्रधानमंत्री ने कड़ा संदेश दिया कि अलगाववादी और हमसे, दोनों से साथ-साथ बात नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया कि या तो अलगाववादियों से बात करो या हमसे।

ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में भी जिस प्रकार भारत को तवज्जो दी गई उससे स्पष्ट हुआ कि देश को एक मजबूत सरकार मिली है। ब्रिक्स बैंक का पहला मुखिया भारत से ही होगा, यह पक्ष सरकार ने मजबूती से रखा जिसमें कामयाबी भी मिली।

देश की जीडीपी बढ़ी है, विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ रहा है। बहुत दिनों बाद पेट्रोल की कीमत में भी कमी आई है।

महंगाई नियंत्रण के भी कई उपाय किए जा रहे हैं। महंगाई नियंत्रित तो हुई है लेकिन इसमें और भी कमी आएगी।

केंद्र की पिछली सरकार ने विदेशी बैंकों में जमा काले धन को स्वदेश वापस लाने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया क्योंकि उन्हें पता था कि यदि नाम उजागर हुई तो उन्हीं के रेले लग जाएंगे।

लेकिन नई सरकार बनते ही काले धन को वापस लाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया। और विदेशी बैंकों से काला धन वापस लाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

केंद्र सरकार जन-भावना और जन-समस्याओं को जानती है इसीलिए जो योजना बन रही है, जनता के कल्याण के लिए बन रही है।

झारखंड में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। मैं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से कहना चाहता हूं कि आपके पिता जी अलग झारखंड निर्माण के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन आज आप उन्हीं के साथ हाथ मिला रहे हैं जो कभी कहा करते थे कि झारखंड का निर्माण मेरे लाश पर होगा।

मैं कार्यकत्र्ताओं को आह्वान करना चाहता हूं कि वे अपना उत्साह बरकरार रखें। कौन जितेगा, कौन विधायक बनेगा, कौन मुख्यमंत्री बनेगा इसकी चिंता मत करें। चुनाव में विजय पर अपना ध्यान केंद्रित करें। बूथ जितने का संकल्प लें।

मैं एक बात आज स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम झारखंड में आगामी विधानसभा का चुनाव श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में लड़ना चाहते हैं।

आप जानते हैं कि अटल जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने चार नये राज्यों का गठन किया। झारखंड के पड़ोस में है छत्तीसगढ। आज छतीसगढ़ जिस गति से विकास कर रहा है उसकी तुलना मे झारखण्ड काफी पिछडा हुआ है। उसका विकास में आगे बढ़ने का कारण है कि वहां पूर्ण बहुमत की सरकार है। झारखंड के विकास के लिए भी पूर्ण बहुमत की सरकार चाहिए।

झारखंड में विकास की असीम संभावनाएं है। जिस राज्य में संसाधन के रूप में 30 प्रतिशत कोयला हो, 28 प्रतिशत लोहा हो, 27 प्रतिशत ग्रेनाइट हो और 20 प्रतिशत कोबाल्ट हो, वह राज्य पिछड़ा कैसे रह सकता है।

भाजपाशासित राज्यों- गुजरात, छत्तीसगढ़, मप्र, गोवा और राजस्थान में आज विकास की गंगा बह रही है।

झारखंड में भी यह संभव है क्योंकि यहां बहुत संभावनाएं हैं। लेकिन आज स्थिति क्या है? प्रदेश धनी है लेकिन नागरिक निर्धन हैं। इस स्थिति को बदलना होगा।

हमें आपका समर्थन चाहिए। आधा-अधूरा समर्थन नहीं बल्कि दो-तिहाई बहुमत का समर्थन चाहिए।

मोदी जी ने नारा दिया है कि भारत को कांग्रेस मुक्त बनाओ। आपने लोकसभा चुनाव में इस प्रदेश में कर दिखाया है। लेकिन एक कदम और आगे बढ़ाइए और अब इस प्रदेश को भाजपा युक्त प्रदेश बनाइए।


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