Speech: Shri Amit Shah Addressing Sadasyata Abhiyan

सदस्यता अभियान से हम नया इतिहास बनाए


राष्ट्रीय सदस्यता महाभियान के संदर्भ में दिनांक 22.11.2014 को पार्टी मुख्यालय पर हुयी समीक्षा बैठक में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी के द्वारा दिया गया प्रेरक भाषण

मंच पर उपस्थित श्रीमान रामलाल जी, सदस्यता अभियान के संयोजक श्री दिनेश शर्मा जी, सभी सह-संयोजक और देशभर से आये हुए वरिष्ठ कार्यकर्ता व बंधु-भगिनी। मित्रों मैं इस नए और अभूतपूर्व महाभियान के विषय में आप सभी को कुछ कहूं, इसके पहले हमारे सभी वरिष्ठ नेताओं के महान कार्यों का स्मरण करता हूं। डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, स्वर्गीय सुंदरसिंह भंडारी, राजमाता विजया राजे सिंधियां, जगन्नाथ राव जोशी, नानाजी देशमुख जैसे कईयां ने अपने त्याग और परिश्रम से इस पार्टी को मजबूत बनाया है। हमारे नेता आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी और श्री लालकृष्ण आडवाणी जैसे कितने सारे वरिष्ठों ने इस पार्टी की सफलता के लिए निरंतर मेहनत की जिसके परिणाम स्वरूप आज हम यहां तक पहुंचे हैं। इस सदस्यता अभियान के माध्यम से हमें हमारे वरिष्ठ नेताओं के किये काम को और आगे बढ़ाना है।

सदस्यता अभियान श्री नरेन्द्र मोदी जी के हाथों से शुरू होने के बाद आज सुबह तक करीब 79 लाख आॅन लाइन सदस्य बन चुके हैं और इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए, इसकी समीक्षा के लिए, कुछ तकनीकी व्यवहारिक जो दिक्कते लोगों के सामने आई है उनके निवारण के लिए और अन्य फैसलों के लिए यहां बैठक रखी गई है। मित्रों, यह सदस्यता अभियान भारतीय जनता पार्टी के लिए कोई नई चीज नहीं है। हर बार हम संगठन पर्व के पहले सदस्यता अभियान करते हैं और हर 6 साल में प्रत्येक सदस्य फिर से सदस्य बनते हैं, चुनाव भी होता है यह हमारी परंपरा है। करीब-करीब 1300 पार्टियों में कुछ एक-दो पार्टियां है, जिनमें से हमारी पार्टी प्रमुख है जिनमें आज भी आंतरिक लोकतंत्र बरकरार है, लोगों को जुड़ने की व्यवस्था है। जुड़ने के बाद संगठन में, चुनाव के माध्यम से विभिन्न पदों पर पहुंचने की व्यवस्था है और इस मंच का उपयोग कर देश का कोई भी नागरिक देश की सेवा करने के लिए आगे आ सकता है। और यही शायद एक पार्टी होगी, जिसका एक संविधान है, जिसका अनुसरण करते हुए हमारी संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया चलती है। हर दो साल हम संगठन का चुनाव करते हैं, हर 6 साल में हमारी सदस्यता का नवीकरण होता है। और यह 2014-15 का साल हमारी सदस्यता का नवीनीकरण का साल है। और एक मायने में हमने इसे एक अलग तरीके से लेकर इस सदस्यता अभियान को रूटीन सदस्यता अभियान ना मानते हुए इसको पार्टी के जनाधार का विस्तार करने के लिए, संगठन की मजबूती के लिए और विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए- इन तीनों के लिए हम इस सदस्यता अभियान का उपयोग कर पार्टी को एक नई उंचाई तक ले जाना चाहते हैं। 1951 से हमारी पार्टी, पहले जनसंघ फिर भारतीय जनता पार्टी, हम निरंतर काम करते रहे। एक विचारधारा के आधार पर ही हमारी पार्टी का अस्तित्व आया, हम आगे बढ़े। शुरू-शुरू में विचारधारा का मजाक भी उड़ा, विचारधारा को संघर्षभी करना पड़ा, इसकी स्वीकृति भी आई और अब 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद इस विचारधारा को सम्मान मिलना शुरू हुआ है। देश और दुनिया में हमारी विचारधारा, हमारी पार्टी की सम्माननीय स्थिति प्राप्त होने की शुरूआत मान लीजिए 2014 से हुई। 2014 तक हम कई बार सत्ता में आए, राज्यों में आए, केन्द्र में आए। मगर पूर्ण रूप से भारत की जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ पहली बार नरेन्द्रभाई के नेतृत्व में 2014 में हमें सत्ता दी है और यह एक तरह से हमारी विचारधारा की स्वीकृति है। और जो स्वीकृति, जो सम्मान हमें मिला है उसे बहुत आगे तक ले जाना चाहते हैं।

सदस्यता से संगठन

इस सदस्यता अभियान के माध्यम से देश के कई हिस्से ऐसे हैं, जहां आज भारतीय जनता पार्टी पहुंची नहीं है। वहां पर भारतीय जनता पार्टी को पहुंचाना है। कई राज्य ऐसे होंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकारें बनी हैं। मगर राज्यों में कई इलाके ऐसे होंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी नहीं पहुंची है। वहां भारतीय जनता पार्टी को पहुंचाना है। कई जगह हम विधानसभा की सीट जीत गए, लोकसभा की सीट जीत गए, कुछ बूथ ऐसे होंगे जहां भारतीय जनता पार्टी नहीं पहुंची है उस बूथ तक भारतीय जनता पार्टी को पहुंचाने के लिए यह सदस्यता अभियान है। अभी तक आप लोगों के सामने जो बातें रखी गई हैं, उससे ऐसा मत सोचिए कि फोन नं. डायल कर देंगे, सदस्य बन जाएंगे और बाद में इसका रजिस्टर बन जाएगा, संगठनात्मक चुनाव हो जाएंगे और यह डाटा पार्टी के साथ खड़ा हो जायगा। इसके बाद एक व्यवस्था पार्टी ने सोची है। जितने भी सदस्य बनेंगे उनको सूचीबद्ध करने के बाद लगभग 2 महीने का नए सदस्यों का अभियान भारतीय जनता पार्टी चलाने वाली है। हर नए सदस्य के पास हमारे कार्यकर्ता जाएंगे। पार्टी का एक परिचय पत्रक देंगे, पार्टी का परिचय देंगे, उनका पार्टी में स्वागत करेंगे और उनको पार्टी की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस तरह से बड़ी संख्या में मान लीजिए, 10 करोड़ सदस्य बनते है तो 10 करोड़ लोगों में से 7 करोड़ लोगों का एक संपर्क अभियान भारतीय जनता पार्टी इसके बाद 2 महीने तक चलाने वाली है। तो अप्रैल और मई हम इस सम्पर्क अभियान को नीचे तक लेकर जाएंगे और प्रयास करेंगे 3 करोड़ पुराने सदस्य, 7 करोड़ नए सदस्यों को भारतीय जनता पार्टी के साथ जोड़े और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को वो जाने और भारतीय जनता पार्टी का एक अभिन्न अंग बने। इसके लिए एक भगीरथ पुरूषार्थ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को आने वाले दिनों में करना है। और उसके बाद में 6, 7 और 8 ये तीन महीने लगभग चुने हुए 15 लाख सदस्यों का अभ्यास वर्ग, उनका प्रशिक्षण कार्यक्रम और मैं मानता हूं कि दुनियाभर की राजनीतिक पार्टियों के इतिहास में सबसे बड़ा और सबसे लंबा प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक योजना भारतीय जनता पार्टी इस साल बनाना चाहती है और इन तीन महिनों के अंदर अलग-अलग स्तर के अभ्यास वर्गों के माध्यम से ये 15 लाख चुने हुए कार्यकर्ता, जिसमें नए भी होंगे, पुराने भी होंगे, विशिष्ट लोग भी होंगे, इन सबका एक अभ्यास वर्ग करके भारतीय जनता पार्टी की आत्मा के साथ इनका जुड़ाव करने का कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी ने सोचा हुआ है।

हमारी विचारधारा, हमारे कार्य करने का कारण, अब तक का पार्टी का इतिहास, पार्टी के नेताओं का परिचय, पार्टी का देश की राजनीति में योगदान, पार्टी का देश के विकास में योगदान, और हमारी सरकारों का काम- इन सबको समायोजित करके एक प्रशिक्षण की ‘कैप्सयूल’ बनाई जाएगी और इन 15 लाख कार्यकर्ताओं को हम तीन महीने के अंदर प्रशिक्षित करने का एक विराट प्रशिक्षण कार्यक्रम भी बनाया है।

जनाधार को स्थायित्व

तो मित्रों, मेरा इतना ही कहना है कि ये जो सदस्यता अभियान है उसको यदि गति देनी है तो यदि यहां इस हाॅल में बैठे हुए लोग एक बार ठान ले तो यह सदस्यता अभियान बूथ तक सफलतापूर्वक पहुंच सकता है। यह सदस्यता अभियान यदि बूथ तक नहीं पहुंचता है तो मैं मानता हूं कि जितना फायदा पार्टी को सदस्यों को जोड़ने का होना चाहिए उतना नहीं होगा। क्योंकि एकरूपी विकास होना चाहिए। हर बूथ तक नए सदस्य बनाने की एक वैज्ञानिक व्यवस्था अपने राज्यों में जाकर विकसित करनी होगी और उसकी कठोर निगरानी करते हुए नीचे तक पहुंचाना होगा। तब जाकर बूथ से नए सदस्य बनने का लक्ष्य हम सिद्ध कर पाएंगे। बूथ की जाति की रचना, बूथ की राजनीतिक व्यवस्था, परिस्थिति और बूथ में हम जो परिवर्तन लाना चाहते हैं इसका भी विवरण, जहां अच्छा काम है, भारतीय जनता पार्टी को वहां पर करना चाहिए। हो सकता है हर जगह पर न हो मगर कुछ तो जगह ऐसी है, जहां भारतीय जनता पार्टी आज मजबूत है। मान लीजिए मध्यप्रदेश में हमारा सालों पुराना संगठन है और संगठन आज अपनी ऊंचाइयों पर है, गुजरात, राजस्थान ऐसे कई राज्य है, जहां संगठन बहुत अच्छा है। तो ढिलाई न करते हुए ज्यादा से ज्यादा विवरण प्राप्त करके हर बूथ को कैसे जीवंत बूथ बनाया जाए, हर बूथ के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व कैसे इस सदस्यता अभियान में हो इसकी योजना हो। आप देख लीजिए कुछ जगह हमारी सदस्यता काफी कम है; वनवासी क्षेत्र में हमारी सदस्यता कम है; शहरों की झुग्गी-झोपडि़यांे में हमारी सदस्यता कम है; दलित बस्तियां, हमारी सदस्यता कम है।

तो हम जहां आज तक नहीं पहुंच पाए वहां 2014 का साल भारतीय जनता पार्टी का झंडा गाड़ने का साल है, वहां पर भारतीय जनता पार्टी को पहुंचाने का साल है। इसलिए जहां पर पार्टी मजबूत है, जहां पर हमारा संगठन ठीक है वहां पर इसका विस्तृत योजना संगठन के कार्यकर्ता करेंगे। एक प्रदेश की टोली बने। इस काम को मन बनाकर काम करने वाली। और प्रदेश की टोली जिलों में इस प्रकार की टोलियों की रचना करके अंत तक बूथ तक इस भावना को पहुंचाए, अंत में बूथ तक इस उत्साह को पहुंचाए, यह बहुत जरूरी है। वरना इस सदस्यता अभियान में 10 करोड़ सदस्य तो बन जाएंगे, क्योंकि आज नरेन्द्रभाई की जिस तरह की लोकप्रियता है और भारतीय जनता पार्टी का जिस तरह का जनाधार है उसमें सदस्य बनाना बहुत बड़ी बात नहीं है। परन्तु यदि हम नरेन्द्रभाई की लोकप्रियता, भारतीय जनता पार्टी की सरकार के अच्छे काम और बढ़े हुए जनाधार को स्थायित्व देना चाहते हैं तो बूथ से लेकर राज्य तक पूरी ईकाई सर्वांगीण रूप से बढ़नी चाहिए और संपूर्ण और स्थाई विकास होना चाहिए। यह तभी हो सकता है जब कि आप राज्यों में जाकर इसकी विस्तृत योजना बनायें। इसका विवरण आपको समझाने की कोई आवश्यकता नहीं है। यहां उपस्थित कार्यकर्ताओं के लिए यह कोई नई बात नहीं है। मगर इस बार 2014 के चुनाव ने जो परिणाम दिए हैं, उसके बाद राज्यों के चुनाव ने जो परिणाम दिए है इस जनाधार का उपयोग करके हम भारतीय जनता पार्टी को आने वाले 50 साल तक एक मजबूत पार्टी बनाकर देश के सामने रखें और हमारे संगठन का आधार बढ़ा दे, इसलिए हमें इस संगठन के पर्व ‘सदस्यता अभियान’ का उपयोग करना चाहिए। आप मेरी बात मानकर चलिएगा कि जिस तरह से 1947 से 1966 तक कांग्रेस का एक समय आया था कि कांग्रेस जिसको भी चुनाव में खड़ा करती वह जीत जाता था और चुनाव में लोकसभा सदस्य तय नहीं करना होता था, चुनाव में बस यही देखना होता था कि कांग्रेस का प्रत्याशी कौन है वह चुनाव जीतता था। आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी को भी इतना विराट जन-समर्थन मिलने वाला है।

विस्तार वर्ष

हमें याद रखना चाहिए कि 66 के बाद कांग्रेस की टूटने की शुरूआत हुई। क्योंकि उन्होंने संगठन के नवीनीकरण को महत्व नहीं दिया। वो सरकार की गतिविधियों में पड़ गए। नेता बनाने की गतिविधियों में पड़ गए। नेताओं के अंदर जातियों के जोड़-तोड़ में पड़ गए। संगठन के आधार को कांग्रेस ने, जो आजादी के समय नीचे तक 25 पैसे का सदस्य बनाकर पहुंचाया था वो आधार धीरे-धीरे क्षीण होता गया और 1966 से कांग्रेस के पतन की शुरूआत हुई। 2014 आते-आते उनका नेता-विपक्ष का पद भी चला गया। अब जबकि हमारा अच्छा समय शुरू हो रहा है हमें इतिहास से सीखना चाहिए और आने वाले दिनों में यह अच्छा समय लंबा चले और चिरंजीवी हो उसके लिए संगठन को और हमारे विचार को नीचे तक पहुंचाने के लिए यह सदस्यता अभियान है। मेरी बात को आप अतिश्योक्ति मत मानिए, आपको भी इस बैठक में बुलाया गया है, आप आए हैं आप पर एक निश्चित जिम्मेदारी है इसलिए आप आए है, मगर यह सदस्यता अभियान जो होने जा रहा है आप मान लीजिए देश के लोकतांत्रिक इतिहास का दांडी मार्च है। गांधी जी के साथ जब साबरमती आश्रम से 85 लोग निकले थे और दांडी यात्रा शुरू हुई थी उस वक्त उनको मालूम नहीं था कि वो इतिहास का सृजन करने जा रहे हैं। आज आप लोग बिल्कुल उसी तरह से यहां बैठे है, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में यहां बैठे है। मेरी बात मानकर चलिएगा आप भी देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक बड़ा हिस्सा बनने जा रहे हैं, यह अभियान इतना महत्वपूर्ण और परिणामदायक होने वाला है। इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि इस अभियान को हर व्यक्ति हर स्थान पर नए-नए विचार से नए आयाम दे, हम नए-नए तरीकों से इस अभियान को गति दें, हम नई-नई चीजों को लाकर इस अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएं और इस अभियान को पूर्ण रूप से भारतीय जनता पार्टी की ताकत बढ़ाने का अभियान बनायें। मैं मानता हूं कि यह भारतीय जनता पार्टी के विस्तार का वर्ष है। भारतीय जनता पार्टी के विचार को आकार देने का वर्ष है और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के प्रचार-प्रसार का वर्ष है। और इसका उपयोग हमें इस सदस्यता अभियान के माध्यम से करना चाहिए। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने फैसला किया है कि सक्रिय सदस्यों की संख्या जो लगभग साढ़े पांच से छः लाख थी क्योंकि दो राज्यों के आंकड़े यहां उपलब्ध नहीं हैं, करीब-करीब छः लाख थी। तो इस बार हम 50 प्रतिशत बढ़ोतरी करना चाहते हैं। मान लीजिए हर राज्य में 100 सक्रिय सदस्य है तो उनको 150 बनाना है, 50 प्रतिशत की वृद्धि करना चाहते हैं। 6 लाख सक्रिय सदस्य देशभर में हांेगे तो इस बार हम 9 लाख सक्रिय सदस्य देशभर में बनाना चाहेंगे। और सक्रिय सदस्य की पात्रता में कुछ फेरबदल किया है। हर सक्रिय सदस्य ने 100 सामान्य सदस्य बनाने हैं। पहले 50 सामान्य सदस्य बनाने का हमारे यहां प्रावधान था, इस बार 100 बनाने हैं। तो आप समझ लीजिए 9 लाख सक्रिय सदस्य 100-100 सदस्य अब से बनाते हैं तो 9 करोड़ सदस्य वैसे ही बन जाएंगे। और जो बनाएगा वही सक्रिय सदस्य बन पाएगा, उसको 100 सदस्यों की सूची देनी होगी।

उसी संबंध में एक पत्रक बनाया जो आपको दिया गया है, जिसमें सक्रिय सदस्य का नाम, मंडल, जिला प्रदेश, मो. नंबर, जो प्रस्तावित सदस्य है उसे लिखना है। इसका मतलब जो सक्रिय सदस्य प्राथमिक सदस्य बनाने जा रहा है, उसके सामने बैठकर टोल फ्री नम्बर डायना करवाना पड़ेगा। उसके बाद सामने से उसका सक्रिय सदस्य नम्बर आएगा। वो आपने यहां नोट करना है उसके बाद उसका पता, टेलि. नम्बर, पिन कोड एसएमएस कराकर वहां से बाहर निकलना है। एक परिवार में एक से ज्यादा भी बना सकते है। मगर ये 100 सदस्यों का जिसके पास दो पर्चे भरकर दिए होंगे वो ही भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय सदस्य बन पाएगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर बूथ के कार्यकर्ता तक यह व्यवस्था कड़ाई से लागू करने का भारतीय जनता पार्टी ने मन बना लिया है। आप 100 सदस्य बनाइए, 9 लाख सदस्य भारतीय जनता पार्टी के नए 100 प्राथमिक सदस्य बनाएं और 100 सदस्यों की सूची भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में दें। भारतीय जनता पार्टी इसको सत्यापित करेगी क्योंकि इलेक्ट्राॅनिक नंबर है इसके साथ स्वतः प्रमाणित हो जाएगा और आप सक्रिय सदस्य बन जाएंगे।


सर्वस्पर्शी सदस्यता

सक्रिय सदस्य बनाने के मानदंड पहले था कि पार्टी की ओर से 10 दिन पार्टी के कार्य में कहीं न कहीं देने थे, उसमें हम थोड़ी कमी कर रहे हैं। 10 दिन की जगह हम 7 दिन ही रखते हैं। मगर थोड़ा बदलाव भी कर रहे हैं कि 7 दिन सदस्यता अभियान के लिए पूर्ण समय देना होगा और पार्टी की योजना से देना होगा तभी जाकर आप सक्रिय सदस्य बन सकते हैं। जिसको सक्रिय सदस्य बनना है उसको कोई मोहल्ला, कोई झुग्गी-झोपड़ी, कोई दलित बस्ती, कोई गांव जहां भारतीय जनता पार्टी का सदस्य नहीं है, कोई ब्लाॅक जहां भारतीय जनता पार्टी का सदस्य नहीं है, भारतीय जनता पार्टी उसको आवंटित करेगी और वहां जाकर 7 दिन सदस्यता के लिए वो काम करके जब रिपोर्ट देंगे, उसका सत्यापन होगा और बाद में वो सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल होंगे। जिसको भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय सदस्य बनना है उसको 7 दिन देना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है और ये सात दिन दो साल में देने हैं। और कठोरता से नीचे तक हमें इस बात को ले जाना होगा और आप समझिएगा, कोई ढिलाई मत कीजिएगा। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इस चीज को इसी भावना से नीचे तक ले जाएं। इसी भावना से उसका क्रियान्वयन करें और इसी भावना से परिणाम पाएं। जो प्रदेश, जिलास्तर के लोग है वो बैठक लेने जाएंगे, वो 7 दिन में गिन लिया जाएगा। मान लीजिए मुरलीधर राव जी हैं, 3 दिन तमिलनाडू गए सदस्यता अभियान में लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए तो वो 3 दिन गिन लिए जाएंगे। मगर जो नीचे के कार्यकर्ता हैं, मंडल स्तर के हैं, जिला स्तर के हैं उनका आवंटित जगह पर प्रवास होगा तभी वो सक्रिय सदस्य बन पाएंगे और 100 प्राथमिक सदस्य बनाने होंगे तभी सक्रिय सदस्य बन पाएंगे। और ये दोनों मानदंड पूरा करने वाले 9 लाख सक्रिय सदस्य भारतीय जनता पार्टी ने इस बार बनाने है। तो मैं मानता हूं कि बहुत बड़ा लक्ष्य नहीं है। पार्टी का आधार, आकार, बदलना हम लोगों पर निर्भर करता है। इससे अच्छी राजनीतिक स्थिति, राजनीतिक नेतृत्व, राजनीतिक स्वीकार्यता कभी नहीं आएगा। इस मौके का पार्टी को उपयोग कर लेना चाहिए। इस मौके को भुनाना चाहिए। इस जनाधार को स्थायित्व देना चाहिए। और स्थायित्व दिए गए जनाधार में से छांटकर विचारधारा को समर्पित और कुछ कार्यकर्ता निकालना है जो लंबे अर्से तक, 15-20-25 साल तक भारतीय जनता पार्टी का काम बढ़ाएं। इस दिशा में सदस्यता अभियान का काम करना चाहिए।

मगर मित्रों, इस अभियान को जरा भी हल्के में ना ले। कई बार राजनीति में काम करते-करते हम लोगों के जीवन में स्थिरता आ जाती है। कुछ फैसले ऐसे होते हैं जो हमारे अनुकूल नहीं होते। कई बार हमारी स्थिति भी हमें ठीक नहीं लगती। इन सब चीजों के कारण जो अवसाद, निष्क्रियता, स्थिरता पैदा होती है, उसको मेहरबानी करके ये तीन महीने मन से उखाड़कर फेंक दीजिए। क्योंकि ये तीन महीने ऐसे है कि अगर इन तीन महीनों में एक टोली काम करती है तो मैं मानता हूं कि नीचे तक ये 10 करोड़ सदस्यों का लक्ष्य पूर्ण हो सकेगा। ऐसा नहीं है कि यहां बैठे हुए लोगों को पार्टी ने आज तक जीवन में कुछ नहीं दिया। हो सकता है आज मेरी स्थिति है उससे मुझे संतोष न हो, मगर कभी तो कुछ दिया है। तो कभी कुछ दिया है तो इसके लिए जीवन के ये तीन महीने पार्टी के लिए लगा दीजिए और भारतीय जनता पार्टी को सफल बनाइए। मन में से हर विचार निकाल दीजिए जो आपको सक्रिय बनने से रोके और इस भावना को खोए बगैर बूथ तक पहुंचाने का काम यहां बैठी टोली का है।


सिद्धांत का आधार

मित्रों, भारतीय जनता पार्टी का जो भविष्य है वो बड़ा उज्जवल है। मोदीजी का जो नेतृत्व है उसकी विश्वभर, देशभर में स्वीकृति मिली है। उनकी योजनाएं जो लोकाभिमुख है और योजनाओं के परिणाम जिस तरह से मिल रहे हैं, मैं मानता हूं कि आने वाला हमारा भविष्य बहुत सुनहरा है। मगर मैं चाहता हूं कि उस सुनहरे भविष्य को भुनाकर पार्टी का आधार इतना मजबूत कर दें, ऐसे कार्यकर्ताओं की निर्मिति करें जो हमारी विचारधारा को किसी भी निर्बल समय यदि पार्टी का आ जाए, हमारा कार्यकर्ता, हमारी विचारधारा अक्षुण्ण रहे। जनसंघ जब बना उसके बाद कई ऐसे मौके आए। आपातकाल से लेकर दो सीट तक का समय आया। उसके बाद कई ऐसे मौके आए जब कार्यकर्ताओं के मन में निराशा आई। मगर जनसंघ कार्यकर्ताओं का वैचारिक आधार स्पष्ट था इसलिए पार्टी संकट से धीरे-धीरे बाहर निकल गई और हम इस मंजिल तक पहुंचे है। अगर नई बढ़ती हुई पार्टी का नए बनते हुए सदस्यों, बाहर से आते हुए लोगों की वैचारिक स्पष्टता हम ठीक नहीं करेंगे, इस सदस्यता अभियान को हम ठीक से नहीं चला पाएंगे तो संकट के समय में हमारी पार्टी ठीक नहीं रह पाएगी। इसको एक सामान्य रूटीन संगठन पर्व का महज एक अभियान मत समझिए। बहुत सोच-समझ, विचार कर बहुत विस्तृत योजना के साथ इसकी रूपरेखा तैयार की गई है। और मैं आपको बता भी नहीं सकता जो मैं देख सकता हूं उसको शब्दों में ढाल नहीं सकता। इसके इतने अच्छे परिणाम भारतीय जनता पार्टी को मिलने वाले हैं कि हम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। और अगर श्री नरेन्द्र मोदी जी के इस पुरूषार्थ को, उनकी लोकप्रियता को, हमारा इतना संगठनात्मक सहयोग मिल जाएगा तो मैं मानता हूं, कश्मीर से कन्याकुमारी और असम से गुजरात तक पूरा हिन्दुस्तान एक छत्र कमल के निशान पर अच्छा दिन हमको देखने को मिलेगा। और केवल सत्ता नहीं, हमारे जो सिद्धांत है, हमारी विचारधारा है उसको युवाओं तक पहुचांना, आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना और नया भारत जो बनेगा आने वाले 15-20 सालों में वो हमारे मूल विचारों के आधार पर बने, हमारे सिद्धांतों के आधार पर बने और देश का विकास भी हमारे सिद्धांतों को कमजोर किये बगैर हो। यह अगर हमें करना है तो इस अभियान में आप लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। यहां मंच पर बैठे हुए सभी लोग, सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, सभी भारत सरकार के मंत्री, सभी लोग पसीना बहाने वाले हैं। आप मेरा भरोसा कीजिएगा कोई नहीं छूटेगा। मगर हम नीचे तक कार्यकर्ता को प्रेरित करे, भाषण से नहीं अपने काम से प्रेरित करे। अपनी योजना से उसके काम की व्यवस्था बनाइए और अपनी निगरानी से उसके आलस को निकाल दें तो मैं मानता हूं कि यह अभियान निश्चित सफल होगा। कल्पना कीजिएगा कि हिन्दुस्तान की एक पार्टी देश का, दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनती है और इतने मजबूत आधार पर बनती है तो भारतीय जनता पार्टी का, मोदी जी का गौरव पूरी दुनिया में एक साथ इतना बढ़ेगा कि हम गौरव से कह पाएंगे कि हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता है। और इसी दृष्टि से हमें पार्टी को आगे ले जाना चाहिए। मैं ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता मित्रों, मगर सक्रिय सदस्य बनाने के लिए जो मानदंड है इसको कृपया प्रांत में कमजोर मत कीजिएगा और वो अगर एक बार नीचे तक पहुंच जाएगा तो हमारा लक्ष्य निश्चत पूरा हो जाएगा। 100 सदस्य बनाना और 7 दिन देना दोनों मानदंड को अगर आप नीचे तक ऐसे पहुंचाते हैं तो मुझे लगता है कि सब ठीक हो जाएगा मैं आप लोगों से अपेक्षा करता हूं और बड़े विनम्र भाव से प्रार्थना करता हूं कि ये तीन महीने भारतीय जनता पार्टी के लिए लगा दीजिए। सालों तक भारतीय जनता पार्टी एक मजबूत आधार पर खड़ी रहेगी और लंबे अर्से तक अपने हजारोंझार कार्यकर्ताओं को देश का और राज्यों की सेवा करने का मौका देती रहेगी।

मैं पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को बताना चाहूंगा कि यह सदस्यता महाभियान एक नई संगठन-आधारित राजनीति का शिलान्यास है। हमें इस ऐतिहासिक प्रयास को सफल बनाना है। यह हमारी अपनी खुद की सक्रियता के आधार पर ही सफल हो पाएगा। हम में से प्रत्येक को इस जिम्मेदारी को अपने ऊपर लेना पड़ेगा। यह कार्य हम सभी की संपूर्ण सहभागिता से ही आगे बढ़ेगा।


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