Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah inaugurates and lays the foundation stones for various projects of SSB in Siliguri and interacts with the personnel

Press | Aug 21, 2026

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी में SSB की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया और जवानों से संवाद किया


8 राज्यों और 3 देशों से जुड़ा सिलीगुड़ी कॉरिडोर राष्ट्र की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है, मोदी सरकार त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड से इसे अभेद्य बना रही है

'वन बॉर्डर, वन फोर्स' के तहत SSB को सबसे कठिन जिम्मेदारी मिली - नेपाल और भूटान से लगी बिना बाड़ की खुली सीमा की सुरक्षा, इन जवानों की प्रतिबद्धता और मित्र देशों के साथ उनके सांस्कृतिक लगाव को पूरा देश सम्मान करता है

आजादी के 80 साल बाद लाल किले से पूर्ण 'वंदे मातरम्' का गान हुआ, बंकिम बाबू ने इस अमर कृति से बताया कि आजाद भारत को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को गले लगाकर ही आगे बढ़ना चाहिए

मोदी सरकार ने संसद में विधेयक पारित कराकर पूर्ण 'वंदे मातरम्' को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया, इससे बच्चों और युवाओं तक बंकिम बाबू के राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुंच रहा है

घुसपैठ रोककर बंगाल और देश को सुरक्षित बनाना हमारा संकल्प है और फेंसिंग इसका सबसे मजबूत उपाय है, शुभेंदु जी ने मात्र 45 दिनों में ही BSF व SSB को 1,129 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई

बंगाल में पहले की मुख्यमंत्री SSB और BSF के कार्यक्रमों में नहीं आती थी, SSB, BSF और ITBP किसी राजनीतिक दल या सरकार की एजेंसी नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा करने वाले बल हैं, सभी राजनीतिक दलों को इन जवानों के साथ खड़ा रहना चाहिए

2026-27 के बजट में स्वीकृत 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल है, जिससे 2-3 वर्षों में दिल्ली से सिलीगुड़ी कुछ ही घंटों में पहुंचा जा सकेगा

अमृत भारत योजना से सिलीगुड़ी व जलपाईगुड़ी स्टेशनों का कायाकल्प और वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम से सीमावर्ती गांवों को जोड़कर हम सेफ, सिक्योर और वाइब्रेंट लैंड बॉर्डर के कॉन्सेप्ट को आगे बढ़ा रहे हैं

प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2026 6:08PM by PIB Delhi

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया और जवानों से संवाद किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेन्दु अधिकारी, दार्जिलिंग के लोकसभा सांसद श्री राजू बिष्ट, केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक श्री महेश दीक्षित, सीमा प्रबंधन सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार और SSB के महानिदेशक श्री संजय सिंघल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बीते 15 अगस्त को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस का अवसर बहुत खास था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 साल पूरे होने के बाद और देश की आजादी के 80 साल पूरे होने पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ का पूरा गान देशवासियों सहित पूरी दुनिया ने सुना। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर कृति ‘वंदे मातरम’ ने हमारी आजादी के आंदोलन को न केवल गति दी बल्कि एक लक्ष्य भी दिया कि आजाद भारत कैसा होगा। श्री शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी की कृति ने तय कर दिया कि आजाद भारत को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को गले लगाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के समय देश के टुकड़े होने के बाद भी मुख्य विपक्षी दल ने ‘वंदे मातरम’ को कभी मन से नहीं स्वीकारा। जन भावनाओं को देखते हुए संसद में ‘वंदे मातरम’ का गान तो होता था, सब खड़े भी होते थे, मगर यह देख कर दुख होता था कि ‘वंदे मातरम’ का पूरा गान नहीं होता। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में एक विधेयक संसद में पारित कराया और ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गान को सरकारी कार्यक्रमों का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया, जो एक ऐतिहासिक कदम है। इससे आने वाली पीढ़ियां और हमारे बच्चे-युवा सभी को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी का अमर संदेश प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि हर रोज स्कूल में ‘वंदे मातरम’ का पूरा गान करने पर निश्चित ही बच्चे राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत होते हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को शक्ति देने वाली ‘सप्तधारा’ का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने मैन्युफैक्चरिंग पावर, रक्षा शक्ति, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति (इंफ्रास्ट्रक्चर) और भारत की सॉफ्ट पॉवर की सात धाराओं से देश के युवाओं को जुड़ कर राष्ट्र निर्माण में शामिल होने के लिए उनका आह्वान किया है। साथ ही, मोदी जी ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने और अगले तीन साल में 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इन सात धाराओं के आधार पर जब देश की आजादी की शताब्दी मनाई जाएगी तब भारत पूरे विश्व में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बंगाल में पहले की मुख्यमंत्री SSB और BSF के कार्यक्रमों में नहीं आती थी। उन्होंने कहा कि SSB, BSF और ITBP किसी राजनीतिक दल या सरकार की एजेंसी नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा करने वाले बल हैं और सभी राजनीतिक दलों को इन जवानों के साथ खड़ा रहना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि घुसपैठ रोककर बंगाल और देश को सुरक्षित बनाना हमारा संकल्प है और फेंसिंग इसका सबसे मजबूत उपाय है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेन्दु अधिकारी की तारीफ करते हुए कहा कि जब से उन्होंने पद संभाला है, हमें सीमा सुरक्षा के लिए हरसंभव सहयोग तुरंत प्राप्त होता है। श्री शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के 45 दिन के भीतर ही भारत सरकार को 1129 एकड़ भूमि BSF और SSB के लिए मिल गई। उन्होंने कहा कि यह ऐसी जमीनें थीं, जो भारत सरकार 2014 से ही मांग रही थी, लेकिन बंगाल की पिछली सरकार ने हमें जमीन नहीं दी। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को तरजीह देने वाली सरकार को चुना है।    

श्री अमित शाह ने कहा कि आज SSB के सिलीगुड़ी स्थित सीमांत मुख्यालय के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया गया, जो 80 एकड़ में निर्मित होगा। उन्होंने बताया कि 19वीं वाहिनी ठाकुरगंज का शिलान्यास, 12वीं वाहिनी किशनगंज का ई-शिलान्यास तथा पारगमन शिविर न्यू जलपाईगुड़ी का शिलान्यास भी आज संपन्न हुआ। श्री शाह ने कहा कि कुल 189 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट SSB के जवानों की प्रशासनिक और आवासीय सुविधाओं के लिए आज यहाँ शुरू किए गए हैं। श्री शाह ने यह भी कहा कि वह जब से गृह मंत्री बने हैं, तब से चाहे SSB हो, BSF हो या असम राइफल्स, सुरक्षा बलों की जरूरतें गृह मंत्रालय के एजेंडे में टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर रहती हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि SSB का एक गौरवमय इतिहास है। वर्ष 1965 से लेकर मणिपुर, जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा, 1975 में मेघालय, 1976 में सिक्किम, 1985 में राजस्थान और गुजरात, और 1989 में नागालैंड, मिजोरम और दक्षिण बंगाल तक SSB का विस्तार हुआ। उन्होंने कहा कि हर जगह SSB के जवानों ने अच्छा काम किया और सुरक्षा के लिए दिन-रात लगा दिए। मगर जब कारगिल के बाद ‘वन बॉर्डर, वन फोर्स’ की नीति अपनाई गई, तब SSB को सबसे कठिन काम नेपाल और भूटान जैसे मित्र देशों की खुली सीमाओं पर तैनाती का सौंपा गया। वर्ष 2001 से SSB 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा और वर्ष 2004 से लगभग 700 किलोमीटर लंबी भारत-भूटान सीमा पर तैनात है। उन्होंने कहा कि जब सीमा पर बाड़ लगी होती है, तब उसकी रक्षा करने वाले बल की जिम्मेदारी थोड़ी आसान होती है। लेकिन SSB पर बाड़ रहित सीमाओं की निगरानी है, जो सबसे कठिन है। उन्होंने कहा कि वह अक्सर कहते हैं कि सबसे कठिन काम SSB के जवानों का है, क्योंकि वो खुली बॉर्डर पर तैनात हैं। श्री शाह ने कहा कि पूरा देश SSB जवानों के समन्वय, सुरक्षा के प्रति आपके समर्पण और दोनों मित्र देशों के साथ हमारे सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ाने में आपके योगदान का सम्मान करता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से सिलीगुड़ी कॉरिडोर के महत्व को बखूबी पहचाना है। आठ राज्यों को जोड़ने वाला यह अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण गलियारा है। तीन अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ – नेपाल, भूटान और बांग्लादेश – इसी सिलीगुड़ी कॉरिडोर से लगती हैं और इसकी सुरक्षा राष्ट्र की सुरक्षा के साथ जुड़ी हुई है। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने त्रिकोणीय ग्रिड से सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा करके राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत किया है। उन्होंने कहा कि अधिक जनघनत्व वाले इस कॉरिडोर में हमने जागरूकता एवं उपस्थिति बढ़ाई है और अपना वर्चस्व भी बढ़ाया है। हमने समय-समय पर कई प्रकार के प्रहार और अभ्यास कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, मगर एक कमी थी। उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर को पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार की एजेंसियों को 560 एकड़ भूमि चाहिए थी, जो पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार ने नहीं दी। उन्होंने कहा कि हम पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेन्दु अधिकारी जी का अभिनंदन करते हैं कि उन्होंने 560 एकड़ भूमि आवंटन की सैद्धांतिक स्वीकृति हमें दी है।

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि सिर्फ सुरक्षा बल किसी भी क्षेत्र की सुरक्षा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जनता की आबादी, प्रवास और पर्यटन को बढ़ाने से किसी क्षेत्र में हमारी उपस्थिति बढ़ती है। उन्होंने कहा कि 2026-27 के बजट में स्वीकृत 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल है, जिससे 2-3 वर्षों में दिल्ली से सिलीगुड़ी कुछ ही घंटों में पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हमने अमृत भारत योजना से सिलीगुड़ी व जलपाईगुड़ी स्टेशनों का कायाकल्प किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के माध्यम से न केवल हम गाँवों को जोड़ रहे हैं, बल्कि गाँव में बसने वाले भारतीयों को दिल से जोड़ने का काम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 6839 करोड़ रुपये के व्यय की यह योजना बांग्लादेश और भूटान सीमाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि Safe, Secure और Vibrant लैंड बॉर्डर के अपने कॉन्सेप्ट को हम आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि आज यहाँ हमारे जवानों की सुविधा के लिए 190 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करके देश की रक्षा करने की क्षमताओं को बढ़ावा देने का काम किया गया है। इससे जवानों के मन, मस्तिष्क और शरीर को भी आराम मिलेगा और उन्हें काम करने का अच्छा वातावरण प्राप्त होगा।

गृह मंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में मशहूर शहनाई वादक रहे उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने भारतीय संगीत को पूरे विश्व के फलक पर रखने का काम किया। उन्होंने राग रागिनी और हमारे शुद्ध शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने का काम किया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह जी के बारे में गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने राज्य को पहली बार प्रशासनिक रूप से पुनर्गठित करने का प्रयास किया और राम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

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