Union Home and Cooperation Minister Shri Amit Shah launched the 'Mission 70 Lakh' plantation drive under the 'Ek Ped Maa Ke Naam' campaign in New Delhi and inaugurated as well as laid the foundation stones for various projects of the Delhi Government.

Press | Jul 07, 2026

गृह मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ और दिल्ली सरकार के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया


गृह मंत्री ने केन्द्रीय रिज एवं नानकपुरा रिज में वृक्षारोपण कर दिल्ली रिज के पुनर्जीवन अभियान की शुरुआत की

वर्षों से दिल्ली रिज में पर्यावरण के अनुकूल नहीं होने वाले विदेशी और जहरीले बबूल जैसे वृक्षों ने जगह बना ली थी, अब इन्हें हटाकर देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे

1994 में अधिसूचित दिल्ली रिज की अंतिम अधिसूचना 30 वर्षों तक लंबित थी, दिल्ली सरकार ने 5,000 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित कर कानूनी संरक्षण देने का काम किया है

दिल्ली के रिज को अगले तीन वर्षों में पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन जैसे 100 वर्ष से अधिक आयु वाले देशी वृक्ष लगाकर, इसे दिल्ली का फेफड़ा बनाया जाएगा

दिल्ली रिज में आर्ट थीम पर विशेष वन लगेंगे, 70 से अधिक तालाब, जलस्रोत व पुरातात्विक संरचनाएँ भी समृद्ध होंगी

दिल्ली सरकार की EV नीति, यमुना शुद्धिकरण और दिल्ली रिज के पुनर्जीवन - ये तीनों मिलकर हरित दिल्ली की संकल्पना को साकार करेंगे

मोदी जी ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान शुरू कर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाया और एक पेड़ अपनी माँ और पृथ्वी माँ के नाम लगाने का संदेश दिया

दिल्ली सरकार का वर्किंग प्लान डॉक्यूमेंट (2026–36), असोला भाटी अभयारण्य प्रबंधन योजना और बायो-डायवर्सिटी एटलस पूरे ग्रीन ईको-सिस्टम को पुनर्जीवित करने का व्यापक प्रयास है

दिल्ली की पिछली सरकार के समय हर रोज़ 1,500 मीट्रिक टन गोबर यमुना जी में डाला जाता था, जल्द ही इसे समाप्त किया जाएगा

NDDB के साथ समझौता कर गोबर से बायोगैस और जैविक खाद बनाई जाएगी, ताकि यमुना जी में एक किलो गोबर भी न जाए

दिल्ली सरकार ने वृक्षारोपण के लिए ग्रीन ड्राइव पोर्टल शुरू किया, जिससे मुफ़्त पौधे मिलेंगे, जहाँ भी भूमि उपलब्ध हो, दिल्लीवासी वृक्ष लगाकर हरित दिल्ली का संकल्प साकार करें

गृह मंत्री अमित शाह ने आज दिल्ली में हाई-सिक्योरिटी प्रिजन, नरेला का शिलान्यास, स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का लोकार्पण, तीन नए डिपो का उद्घाटन, 300 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ भी किया

प्रविष्टि तिथि: 07 JUL 2026 4:29PM by PIB Delhi

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ और दिल्ली सरकार के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। गृह मंत्री ने दिल्ली में हाई-सिक्योरिटी प्रिजन, नरेला का शिलान्यास, स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का लोकार्पण, तीन नए डिपो का उद्घाटन और 300 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया और केन्द्रीय रिज एवं नानकपुरा रिज में वृक्षारोपण कर दिल्ली रिज के पुनर्जीवन अभियान की भी शुरुआत की। इस अवसर पर केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, दिल्ली के उप-राज्यपाल श्री तरणजीत सिंह संधु, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और केन्द्रीय मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वर्षों से दिल्ली रिज में पर्यावरण के अनुकूल नहीं होने वाले विदेशी और जहरीले बबूल जैसे वृक्षों ने जगह बना ली थी, अब इन्हें हटाकर देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 में दिल्ली के 7,784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को भारतीय वन अधिनियम के तहत अधिसूचित किया गया था, लेकिन इसकी अंतिम अधिसूचना 30 वर्षों से लंबित थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाते हुए इसमें से लगभग 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित कर दिया है। श्री शाह ने कहा कि हम पूरी रिज को कानूनी संरक्षण दिलाकर उसकी जैव विविधता, मिट्टी, पानी और दिल्ली के पर्यावरण को नया स्वरूप देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के रिज को अगले तीन वर्षों में पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन जैसे 100 वर्ष से अधिक आयु वाले देशी वृक्ष लगाकर, इसे दिल्ली का फेफड़ा बनाया जाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान शुरू करके देश में पर्यावरण संतुलन का अद्भुत प्रयोग आरंभ किया है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने ओजोन परत में बड़े-बड़े छिद्र बना दिए हैं, जिससे पृथ्वी का तापमान असंतुलित हो रहा है। इस समस्या को रोकने का एक ही रास्ता है कि पृथ्वी से कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के उत्सर्जन को कम किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल वृक्ष ही कर सकते हैं। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ का नारा दिया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अपनी माँ के नाम और पृथ्वी माँ के लिए पेड़ लगाएं। दोहरे उद्देश्य वाला यह अभियान आगामी दिनों में भारत को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि पर्यावरण संतुलन की चिंता किए बिना विकास बेईमानी है। श्री शाह ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपनी मां के नाम पर एक वृक्ष अवश्य लगाएं और इस कार्य में बच्चों को भी शामिल करें, क्योंकि उन्हें भविष्य में ‘हरित दिल्ली’ के संकल्प को आगे ले जाना है।

श्री अमित शाह ने सभी दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे ग्रीन ड्राइव पोर्टल पर जाकर वृक्षारोपण के लिए अपना स्लॉट बुक करें और अपने आसपास के स्कूलों, कॉलोनियों, मंदिरों, सोसाइटियों में, - जहां भी भूमि उपलब्ध हो – वहाँ वृक्ष लगाकर हरी-भरी दिल्ली का संकल्प साकार करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए वृक्ष रथ पोर्टल के जरिए लोगों को मुफ्त पौधा उपलब्ध कराया जा रहा है और नर्सरी लोकेटर की सुविधा से पास की नर्सरी का पता भी उपलब्ध है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और दिल्ली सरकार का संकल्प है कि हम आने वाले चार वर्षों में 6,300 हेक्टेयर हरित रिज क्षेत्र को पूर्ण रूप से वन क्षेत्र में विकसित करेंगे और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। यह 6,300 हेक्टेयर हरित रिज दिल्ली के lungs बनकर राजधानी के पर्यावरण की रक्षा करेगी। इसके अंतर्गत 1 करोड़ से अधिक देशी पौधे, 65 लाख से अधिक बड़े वृक्षों तथा 65 लाख अन्य पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने भारत सरकार की मदद से वर्किंग प्लान डॉक्यूमेंट (2026 से 2036) तैयार किया है। दिल्ली सरकार का वर्किंग प्लान डॉक्यूमेंट (2026–36), असोला भाटी अभयारण्य प्रबंधन योजना और बायो-डायवर्सिटी एटलस पूरे ग्रीन ईको-सिस्टम को पुनर्जीवित करने का व्यापक प्रयास है।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा की रिज के अंदर 70 से अधिक तालाब और छोटे-छोटे रेस्टोरेंट होंगे, साथ ही वहाँ हमारी पुरातात्विक संरचनाओं का संरक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम रिज क्षेत्र में आठ विशेष वन लगाएंगे — नक्षत्र वन, मेल वन, ऋषि वन, तीर्थंकर वन, शंकर वन, वामन वृक्ष वन और पुरानी वाटिका। इनके माध्यम से हम लोगों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास करेंगे।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने यमुना नदी के शुद्धिकरण के लिए जो लक्ष्य दिया है, उसे पूरा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की डेयरियों का गोबर अब सीधे यमुना नदी में नहीं जाएगा। गृह एवं सहकारिता मेंट्री ने कहा कि हम जल्दी ही राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ समझौता करके यह व्यवस्था करेंगे कि एक किलो गोबर भी यमुना में न जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की पिछली सरकार ने प्रतिदिन 1,500 मीट्रिक टन गोबर यमुना नदी में डालने का काम किया था। अब मोदी सरकार और दिल्ली सरकार के बीच समझौते के तहत इस गोबर को प्रोसेस करके गैस और प्राकृतिक खाद बनाया जाएगा, जो यमुना नदी के शुद्धिकरण में बहुत बड़ा योगदान होगा। श्री शाह ने  कहा कि बीते एक वर्ष में 129 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू हो चुके हैं और आने वाले समय में 59 और प्लांट लगाए जाएंगे। ये प्लांट यमुना में शुद्ध किया हुआ जल पहुंचाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन प्लांटों से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता सभी निर्धारित मानकों पर खरी उतरे।

गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लॉन्च की है। यमुना शुद्धिकरण, रिज क्षेत्र का समग्र परिवर्तन, पर्यावरणीय इकोसिस्टम की बहाली और ईवी पॉलिसी - इन सभी प्रयासों के जरिए हम हरित दिल्ली की संकल्पना को साकार करेंगे।

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